सरसों का बाजार क्या दे रहा है आवाज | जाने सरसों की इस तेजी मंदी रिपोर्ट में
किसान साथियो और व्यापारी भाइयो, 31 मार्च सोमवार के दिन सरसों बाजार में अपेक्षाकृत स्थिरता रही। कुछेक मंडियों में हल्की गिरावट जरूर दर्ज हुई, विशेषकर दिल्ली और चरखी दादरी लाइन पर, लेकिन अधिकतर प्लांट और मंडियां स्थिर बनी रहीं या थोड़े-बहुत सुधार के संकेत देती नजर आईं। अगर आप भी मंडी बाजार से जुड़े हैं और आपको रोजाना भाव और आगे का अनुमान साथ में आयात-निर्यात से संबंधित जानकारी चाहते हैं, तो हमारी प्रीमियम सेवा मात्र ₹500 में 6 महीने के लिए उपलब्ध है। इसके लिए 9518288171 पर संपर्क करें।
बाजार का ताजा मूड
जयपुर मंडी का भाव 6300 पर स्थिर रहा और आवक भी लगभग 5 लाख बोरी के आसपास बनी रही। बाजार में गिरावट की गुंजाइश फिलहाल सीमित नजर आ रही है। दिल्ली और चरखी दादरी में सरसों के तेल में हल्की कमजोरी देखने को मिली – ₹0.50 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन मुंबई में सरसों के तेल के भाव में बढ़त देखी गई।
फंडामेंटल मजबूत, गिरावट की गुंजाइश कम
इस समय जो भी गिरावट है वह सिर्फ अस्थायी कारणों से दिख रही है, जबकि लॉन्ग टर्म ट्रेंड में बाजार में तेजी की संभावना बनी हुई है। कम आवक, पोल वाली फसल और विदेशी बाजारों में मजबूती जैसे कारण सरसों को सपोर्ट कर रहे हैं। विशेषज्ञों की राय में यदि अभी तक स्टॉक नहीं किया गया है, तो यह खरीदारी का उपयुक्त समय हो सकता है। अनुमान है कि दिवाली तक सरसों में ₹800 से ₹1000 प्रति क्विंटल तक की तेजी देखने को मिल सकती है (गारंटी नहीं, लेकिन संभावना मजबूत है)।
प्लांटों पर क्या रहे भाव (31 मार्च 2025)
सलोनी अलवर ₹ 6900 (50 की तेजी),
सलोनी कोटा, शमशाबाद, डिगनेर, आगरा ₹ 6850,
गोयल कोटा ₹ 6850 (स्थिर),
बीपी शारदा प्लांट आगरा ₹ 6900 (100 की तेजी),
अडानी बूंदी और अलवर ₹ 6800 (50 की मंदी)
मुख्य मंडियों में क्या रहे रेट
दोस्तों 31 मार्च के दिन बाजारों में सीमित हलचल देखने को मिली जयपुर मंडी में कंडीशन सरसों के भाव ₹ 6325 की खुले थे जो की शाम को 6300 पर बंद हुए, चरखी दादरी में सरसों का भाव ₹ 6075,दिल्ली मंडी ₹ 6100,बरवाला ₹ 5825, हिसार ₹ 5900, मुरैना ₹ 6000, ग्वालियर ₹ 5950, खैरथल मंडी ₹ 5950, टोंक मंडी ₹ 5780, निवाई मंडी ₹ 5800 और सिवानी मंडी में सरसों का रेट ₹ 5800 रुपये प्रति क्विंटल का रहा। भरतपुर मंडी बंद रही, लेकिन वहां का क्लोज भाव ₹ 5950 से ₹ 6000 के बीच बताया गया।
क्या कहती है मार्च महीने की आवक
दोस्तो मार्च 2025 में कुल सरसों की आवक 244 लाख बोरी हो गई है, जबकि मार्च 2024 में यह आंकड़ा 269.25 लाख बोरी था। यानी इस साल की आवक अब भी पिछले साल से 25.25 लाख बोरी कम है। औसत दैनिक आवक 2025 में अब घटकर 10.17 लाख बोरी रह गई है, जो 2024 की औसत 10.77 लाख बोरी से कम है। यह संकेत देता है कि इस साल सरसों की आवक में स्पष्ट कमजोरी है, जो उत्पादन घटने और फसल में पोल की स्थिति को दर्शाती है। अगर आगे चलकर सरसों की आवक में सुधार नहीं होता है तो यह बाजार को बड़ी तेजी की तरफ लेकर जा सकता है
आगे का नजरिया
दोस्तो कल ईद और मार्च क्लोजिंग के चलते कई मंडियों में कामकाज नहीं हुआ। आज यानी 1 अप्रैल को भी कारोबार सीमित रहने की संभावना है, लेकिन 2 अप्रैल से बाजार में दोबारा हलचल शुरू होने की उम्मीद है। सरसों की आवक के साथ-साथ सरसों की खरीद भी बढ़ने की संभावना है। आवक धीरे-धीरे बढ़ेगी, जिससे बाजार स्थिरता की ओर बढ़ सकता है। अगर आप भी मंडी बाजार से जुड़े हैं और आपको रोजाना भाव और आगे का अनुमान साथ में आयात-निर्यात से संबंधित जानकारी चाहते हैं, तो हमारी प्रीमियम सेवा मात्र ₹500 में 6 महीने के लिए उपलब्ध है। इसके लिए 9518288171 पर संपर्क करें। फिलहाल सरसों में मंदी की संभावना कमजोर है और धीरे-धीरे बाजार में मजबूती आने की उम्मीद है। सोयाबीन के भाव में कल अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली कीर्ति प्लांट पर सोयाबीन में लंबे समय के बाद 4700 का स्तर छू लिया। सोयाबीन में सुधार का सरसों के बाजार पर पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। जो साथी सरसों की खरीद करना चाहते हैं इसे एक उपयुक्त समय माना जा सकता है । व्यापार अपने विवेक से करें
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।