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7 साल के निचले स्तर पर पहुंचा गेहूं का स्टॉक | जाने भाव पर क्या होगा इसका असर

7 साल के निचले स्तर पर पहुंचा गेहूं का स्टॉक | जाने भाव पर क्या होगा इसका असर

किसान साथियो नई फसल की आवक शुरू होते ही केंद्र सरकार ने साप्ताहिक गेहूं स्टॉक की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी है। व्यापारियों को 1 अप्रैल, 2024 से हर हफ्ते स्टॉक की जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर जमा करनी होगी। केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, व्यापारियों, ट्रेडर्स, मिलर्स और बड़ी खुदरा श्रृंखलाओं को जानकारी अपलोड करनी होगी हर सप्ताह केंद्रीय पोर्टल पर अनाज आपूर्ति पर। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों/थोक विक्रेताओं/खुदरा विक्रेताओं, बड़ी खुदरा श्रृंखलाओं और प्रोसेसरों को 1 अप्रैल, 2024 से गेहूं के स्टॉक की घोषणा करनी होगी। आदेश के अनुसार, सभी संबंधित वैधानिक निकायों को यह सुनिश्चित करना होगा पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी नियमित और उचित रूप से प्रदान की जाती है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

केंद्र सरकार ने गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पिछले साल स्टॉक सीमा लागू की थी, जो 31 मार्च, 2024 को समाप्त हो जाएगी। जो गेहूं भंडारण संगठन पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे पंजीकरण कर सकते हैं और हर शुक्रवार को गेहूं स्टॉक की जानकारी देना शुरू कर सकते हैं। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग कीमतों को नियंत्रित करने और आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश में गेहूं के स्टॉक की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। सेंट्रल बेसिन में गेहूं की आपूर्ति सात वर्षों में सबसे निचले स्तर पर गिर गई। 1 मार्च, 2024 को केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक 116.7 लाख टन था, जो सात वर्षों में सबसे कम है।

सात साल पहले एक मार्च, 2017 को केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक घटकर 94.20 लाख टन रह गया था। तय नियम बफर स्टॉक के हिसाब से पहली अप्रैल को केंद्रीय पूल में 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक होना चाहिए। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी सीजन 2023-24 में गेहूं का उत्पादन 11.20 करोड़ टन होने का अनुमान है, तथा खाद्वय मंत्रालय ने पहली अप्रैल 2024 से शुरू होने रबी विपणन सीजन 2024-25 के दौरान 372.90 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य तय किया है। चालू रबी में पंजाब से 130 लाख टन, हरियाणा और मध्य प्रदेश से चालू रबी में 80- 80 लाख टन गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर होने का अनुमान है। पिछले रबी सीजन में पंजाब से एमएसपी पर 121.10 लाख टन, हरियाणा से 63.20 लाख टन और मध्य प्रदेश से 7.10 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी। देखे आज एमपी के अनाज के लाइव मंडी रेट 29 मार्च 2024

जिस तरह से सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए अनाज का वितरण किया है उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सरकार इस साल एमएससी पर गेहूं की खरीद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसलिए आने वाले समय में गेहूं के निजी व्यापारियों के लिए गेहूं की उपलब्धता कम रह सकती है। हालांकि इस साल गेहूं के उत्पादन का आंकड़ा ज्यादा बताया जा रहा है लेकिन फिर भी डिमांड को देखते हुए आने वाले समय में गेहूं के भाव बढ़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गेहूं की कीमतें काफी ऊंची चल रही है इसे देखते हुए अगर लंबे समय तक गेहूं को रोका जाए तो यह मुनाफे का सौदा बन सकता है। व्यापार अपने विवेक से ही करें

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।