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जीरा में आई तेजी के पीछे क्या है वजह | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

जीरा में आई तेजी के पीछे क्या है वजह | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

किसान साथियो हाल ही में ऊंझा में जीरे की थोक कीमत में करीब एक हजार रुपए का उछाल आया है, जिससे किसानों ने अपनी फसल की बिक्री बढ़ा दी है। इसके चलते आगामी दिनों में जीरे में मुनाफावसूली बिकवाली का डर बढ़ रहा है। कीमत उम्मीद से कम होने के कारण पिछले कुछ दिनों से ऊंझा में जीरे की आवक अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन हाल की तेजी के कारण अब आवक भी बढ़ने लगी है। ऊंझा में इस समय जीरे की आवक बढ़कर करीब 32-35 हजार बोरियों तक पहुंच गई है। आवक बढ़ने के बावजूद इस प्रमुख किराना जिंस की थोक कीमत में तेजी आई है। जीरे की थोक कीमत हाल ही में करीब 1000-1050 रुपए उछलकर फिलहाल 6100-6300 रुपए प्रति 20 किलोग्राम पर बनी हुई है। इससे पूर्व इसमें 150-180 रुपए की तेजी आई थी। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करे

साथियो बीते सीजन की तुलना में इस बार गुजरात में जीरे की बुआई दोगुनी से भी अधिक हुई है। इससे पहले, जीरे की बुआई में करीब 25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान था। स्थानीय थोक किराना बाजार में बिकवाली बने रहने से जीरे की कीमत हाल ही में 4700 रुपए उछलकर फिलहाल 29,300-30,700 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है। इससे पहले इसमें 1500 रुपए की तेजी आई थी। विशेषकर चीन, कीमतों में आने वाली मंदी-तेजी के आधार पर ही खरीदारी कर रहा है। हालांकि, पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के बाद चीन में बाढ़ की खबरें हैं, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है। 5825 रुपये में अपनी सरसों को बेचने के लिए लिंक पर क्लिक करे

भारत के अलावा, तुर्की और सीरिया को जीरे के अन्य प्रमुख उत्पादक देशों के रूप में जाना जाता है। तुर्की और सीरिया में इस महीने के दूसरे पखवाड़े या अगले महीने के आरंभिक पखवाड़े में नई फसल शुरू होने का अनुमान है। अब अफगानिस्तान और ईरान भी चुनौती पेश करने लगे हैं। तुर्की और सीरिया में संयुक्त रूप से करीब 35 हजार टन जीरे का उत्पादन होता है और उनकी गुणवत्ता भारतीय जीरे की तुलना में हल्की होती है। हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2023-24 के आरंभिक 11 महीनों, यानी अप्रैल-फरवरी 2023-24 में, जीरे का कुल 1,32,019.06 टन निर्यात हुआ, जिससे 4885.79 करोड़ रुपए की आय हुई। एक वर्ष पूर्व की इसी अवधि में, देश से 3690.93 करोड़ रुपए मूल्य के 1,67,052.75 टन जीरे का निर्यात हुआ था। आगामी दिनों में जीरे में मुनाफावसूली बिकवाली का डर नजर आ रहा है।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।