सोयाबीन और सोया तेल बाजार विश्लेषण रिपोर्ट | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में
किसान साथियों और व्यापारी भाइयों, आपको बता दें कि जो आप यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, यह रिपोर्ट सुबह हमने अपने प्रीमियम मेंबर्स को दे दी थी। तो यदि आप भी हमारी प्रीमियम सर्विस लेनी है, तो सर्विस का चार्ज 6 महीने का ₹500 और 1 साल का ₹900 है। लेने के लिए 9518288171 पर मैसेज करें। पिछले दिनों सोयाबीन और सोया तेल के भाव ने बाजार में सरपट दौड़ लगाई है और एक हफ्ते में ही सोयाबीन के भाव लगभग ₹250 तक बढ़ गए हैं। कीर्ति प्लांट पर जो सोयाबीन का रेट 22 मार्च को ₹4390 का था, वह 30 मार्च को ₹4630 के स्तर पर बंद हुआ। सोयाबीन में आई इस लगातार तेजी को देखकर सोयाबीन किसानों और व्यापारियों के मन में उत्साह जाग उठा है। उन्हें लग रहा है कि सोयाबीन के अच्छे दिन आने वाले हैं। लेकिन यह बात कितनी सही है इसका गहराई से अध्ययन करने की जरूरत है। यहां यह भी जानने की जरूरत है कि यहां से आगे सोयाबीन के भाव और कहां तक जा सकते हैं और किस लेवल पर सपोर्ट और किस लेवल पर इसका रेजिस्टेंस बन रहा है। मंडी भाव टुडे और मंडी मार्केट मीडिया ग्रुप ने सोयाबीन के बाजार का अध्ययन करके यह रिपोर्ट तैयार की है। अगर आप सोयाबीन के किसान या व्यापारी हैं तो आपको यह रिपोर्ट अंत तक पढ़नी चाहिए। चावल के लाइव भाव देखने के लिए लिंक पर क्लिक करे
तेजी के क्या रहे कारण
दोस्तो, पिछले दिनों सोयाबीन में आई तेजी के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। अंतर्राष्ट्रीय कारणों को देखें तो ट्रंप द्वारा बायोफ्यूल मेंडेट बढ़ाने की उम्मीद से अमेरिका के बाजारों में सोया तेल लगभग 7% तक तेज हुआ है। इसी तरह से अर्जेंटीना में भी सोया तेल के भाव $50 प्रति टन बढ़ गए हैं। इस तेजी को देखते हुए किसान सोयाबीन की बिक्री को रोक रहे हैं, जिसके कारण सोया तेल का स्टॉक घट रहा है। घरेलू कारणों की बात करें तो घरेलू बाजार में प्लांट की मजबूत खरीदारी चल रही है और आवक में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है। इसके अलावा नाफेड द्वारा सोयाबीन की बिकवाली रुकने के कारण बाजार को थोड़ा और सहारा मिला है। अगर आप भी मंडी बाजार से जुड़े हैं और आपको रोजाना भाव और आगे का अनुमान, साथ में आयात-निर्यात से संबंधित जानकारी चाहिए, तो हमारी प्रीमियम सेवा मात्र ₹500 में 6 महीने के लिए उपलब्ध है। इसके लिए 9518288171 पर संपर्क करें। सोयाबीन के भाव MSP के काफी नीचे चल रहे हैं और इसी वजह से सरकार को नुकसान हो रहा था, इसलिए सरकारी बिकवाली को रोक दिया गया है। उम्मीद है कि अब सरकार तब तक सोयाबीन की बिकवाली नहीं करेगी जब तक MSP के रेट नहीं आ जाते। कांडला पोर्ट पर सोया तेल का स्टॉक लगातार कमजोर बना हुआ है।
CBOT सोया ऑयल में तेजी
शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर सोया ऑयल वायदा पिछले एक हफ्ते में लगभग 7.5% की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी तब आई जब यह खबर सामने आई कि अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां और फार्म-स्टेट स्टेकहोल्डर्स बायोफ्यूल नीति पर मिलकर काम करने को तैयार हैं। इससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना और निवेशकों में विश्वास बढ़ा।
मलेशिया और चीन के बाजारों की स्थिति
CBOT में तेजी का असर मलेशियाई और चीनी बाजारों पर भी देखने को मिला। मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर जून डिलीवरी वाला पाम ऑयल वायदा 1.86% बढ़कर 4392 रिंगित प्रति टन पर पहुंचा। यह लगातार तीसरा दिन रहा जब बाजार में तेजी दर्ज की गई। पूरे सप्ताह के दौरान इसमें कुल 0.39% की तेजी देखी गई। चीन के डालियन एक्सचेंज पर भी सोया ऑयल में 0.71% और पाम ऑयल में 2.48% की तेजी देखी गई। यह दर्शाता है कि एशियाई बाजारों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा।
इंडोनेशिया का पाम ऑयल स्टॉक और उसका असर
इंडोनेशिया में जनवरी के अंत तक पाम ऑयल स्टॉक में 13.98% की मासिक वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि देश में उत्पादन में गिरावट और निर्यात में भी कमी दर्ज की गई, जिससे स्टॉक बढ़ा। GAPKI (इंडोनेशिया पाम ऑयल एसोसिएशन) के अनुसार यह वृद्धि भविष्य में बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। बढ़े हुए स्टॉक से सप्लाई साइड मजबूत होगी, जिससे कीमतों में स्थिरता या हल्की गिरावट आ सकती है।
ईद के कारण संभावित ट्रेडिंग अवकाश का असर
मलेशिया में ईद की तिथि को लेकर अनिश्चितता है। अगर ईद 31 मार्च को होती है, तो 31 मार्च (सोमवार) और 1 अप्रैल (मंगलवार) को ट्रेडिंग बंद रहेगी। लेकिन अगर ईद 1 अप्रैल को होती है, तो सिर्फ मंगलवार को ही अवकाश रहेगा। इसका असर फिजिकल ट्रेडिंग और शॉर्ट टर्म वायदा सौदों पर पड़ सकता है, क्योंकि ट्रेडिंग दिनों की संख्या घटने से वॉल्यूम में कमी आ सकती है। चावल के लाइव भाव देखने के लिए लिंक पर क्लिक करे
भारत में सोयाबीन की खरीद और MSP की स्थिति
भारत में सरकारी एजेंसी NAFED ने 2024-25 के विपणन वर्ष में अब तक 14.72 लाख टन सोयाबीन की रिकॉर्ड खरीद की है, वह भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹4892 प्रति क्विंटल पर। सबसे अधिक खरीद महाराष्ट्र (8.37 लाख टन), मध्य प्रदेश (3.89 लाख टन), राजस्थान (99 हजार टन), तेलंगाना (81 हजार टन), गुजरात (48 हजार टन) और कर्नाटक (18 हजार टन) में हुई है। इसके बावजूद मंडियों में सोयाबीन के थोक भाव MSP से काफी नीचे चल रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि नए सीजन की आवक से दबाव बना है और प्रोसेसिंग यूनिट्स की मांग कमजोर बनी हुई है। इससे किसान मजबूर होकर औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचने को विवश हैं।
नेपाल से सस्ते खाद्य तेलों का निर्यात और सरकार की कार्रवाई
नेपाल से भारत में बड़े पैमाने पर सस्ते खाद्य तेलों का निर्यात हो रहा है। पिछले आठ महीनों में नेपाल से करीब ₹56 अरब मूल्य के खाद्य तेलों का भारत में निर्यात हुआ, जिसमें सोयाबीन तेल अकेले ₹47.94 अरब का रहा। नेपाल में उत्पादन नगण्य है, लेकिन वहां से दूसरे देशों से आयात कर रिफाइंड तेल भारत को निर्यात किया जा रहा है। यह प्रक्रिया शून्य सीमा शुल्क के अंतर्गत होती है जिससे भारतीय रिफाइनरियों और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर आप भी मंडी बाजार से जुड़े हैं और आपको रोजाना भाव और आगे का अनुमान, साथ में आयात-निर्यात से संबंधित जानकारी चाहिए, तो हमारी प्रीमियम सेवा मात्र ₹500 में 6 महीने के लिए उपलब्ध है। इसके लिए 9518288171 पर संपर्क करें। इस पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार ने 18 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर 'प्रमाण पत्र' के स्थान पर 'प्रमाण का साक्ष्य' प्रस्तुत करने की अनिवार्यता लागू कर दी है। इससे नेपाल से हो रहे अनुचित आयात पर अंकुश लगने की संभावना है।
प्रति व्यक्ति खाद्य तेल खपत में भारी वृद्धि
भारत में खाद्य तेलों की प्रति व्यक्ति खपत पिछले कुछ दशकों में लगातार बढ़ती रही है। 1960-61 में जहां यह खपत प्रति व्यक्ति 3.2 किलोग्राम थी, वहीं 2020-21 में यह बढ़कर 19.7 किलोग्राम तक पहुंच गई। अब 2024-25 में इसके 25.3 किलोग्राम और 2030-31 तक 40.3 किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना है। बढ़ती आय, शहरीकरण और उपभोग में बदलाव इसकी प्रमुख वजहें हैं। लेकिन घरेलू उत्पादन के अनुपात में खपत बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।
खाद्य तेल उत्पादन लक्ष्य और नीति पहल
सरकार ने 2030-31 तक खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन 700 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान 390 लाख टन से लगभग दोगुना है। इसके लिए 'नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स – ऑयल सीड्स' और 'ऑयल पाम' की शुरुआत की गई है। ₹10,103 करोड़ के बजट से यह योजना पाम और अन्य तेल फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देगी। इसके अलावा सरकार ने क्रूड और रिफाइंड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क भी बढ़ा दिया है ताकि घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दी जा सके।
आगे कैसे चलेगा सोयाबीन का बाजार
किसान साथियों और व्यापारी भाइयों, मंडी मार्केट मीडिया का मानना है कि सोयाबीन में चल रही तेजी थोड़ी और लंबी चल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार को समझें तो CBOT और BMD की चाल और चीन की खरीदारी के आधार पर निकट भविष्य में सोया ऑयल बाजार में मजबूती बने रहने की संभावना है। हालांकि इंडोनेशिया के बढ़ते स्टॉक के चलते तेजी कुछ सीमित रह सकती है। सरकार की नेपाल से आने वाले सस्ते तेलों पर लगाम लगाने की नीति से घरेलू बाजार को समर्थन मिल सकता है। साथ ही, प्रति व्यक्ति खपत में बढ़ोतरी के चलते दीर्घकाल में खाद्य तेलों की मांग मजबूत बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं और आयात पर अंकुश लगता है, तो आने वाले महीनों में घरेलू कीमतों में भी बढ़िया सुधार देखने को मिल सकता है। सोयाबीन की सरकारी बिकवाली रुकने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बढ़िया रुझान बनने के कारण सोयाबीन के भाव अपने ₹4190 के निचले स्तर से ₹350 तक तेज हो चुके हैं। अगर आप भी मंडी बाजार से जुड़े हैं और आपको रोजाना भाव और आगे का अनुमान, साथ में आयात-निर्यात से संबंधित जानकारी चाहिए, तो हमारी प्रीमियम सेवा मात्र ₹500 में 6 महीने के लिए उपलब्ध है। इसके लिए 9518288171 पर संपर्क करें। यहां से आगे अगर बाजार ने ₹4600 के लेवल को होल्ड किया तो आगे ₹200-250 की तेजी और बन सकती है। ₹4800 के ऊपर माल निकालने की सोच सकते हैं। अगर भाव MSP के ऊपर जाएंगे तो सरकार फिर से सोयाबीन बेचेगी और बाजार ₹4900 के आसपास रुक सकता है। गौरतलब है कि बाजार एक हफ्ते में ₹250-300 तक तेज हो चुका है और यहां पर एक छोटा सा मुनाफावसूली का करेक्शन आ सकता है। लेकिन ओवरऑल सेंटिमेंट पॉजिटिव बना रहने की उम्मीद है। व्यापार अपने विवेक से करें।
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।