मौसम विभाग का अलर्ट, इन जिलों में बारिश के साथ पड़ सकते हैं ओले
साथियों, हरियाणा में इस समय मौसम में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में बारिश शुरू हो चुकी है, और कहीं-कहीं ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान भी बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट का सामना किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हरियाणा के 17 जिलों में बारिश और हल्की वर्षा की संभावना जताई है। इसके साथ ही, कुछ इलाकों में बादल और तेज हवाओं का भी दौर जारी है, जिससे मौसम और भी ठंडा हो गया है। इस प्रकार के बदलावों का असर न केवल आम जनता पर पड़ेगा, बल्कि किसानों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि खेती में होने वाली फसलों को इस मौसम में गंभीर नुकसान हो सकता है। आइए, इस रिपोर्ट में हम विस्तार से समझते हैं कि हरियाणा में हो रहे मौसम बदलाव का क्या असर पड़ेगा और इससे कैसे निपटा जा सकता है। ओ साथी, हम यह भी जानेंगे कि अगले दो दिनों में हरियाणा में मौसम किस प्रकार का रह सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
साथियों, पश्चिमी विक्षोभ एक प्राकृतिक मौसम घटना है, जिसमें हवा की गति और दिशा में अचानक बदलाव आ जाता है। यह विक्षोभ हिमालय पर्वत की ओर से आने वाली हवाओं से जुड़ा होता है, जो भारत के पश्चिमी हिस्सों से होकर गुजरता है। जब यह पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में आता है, तो मौसम में बदलाव आना स्वाभाविक है। इस विक्षोभ के कारण न केवल बारिश की संभावना बढ़ जाती है, बल्कि कभी-कभी तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हो सकती है। हरियाणा के मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के 17 जिलों में बारिश और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इनमें से अधिकतर जिले कल सुबह से ही बारिश के तहत आ गए हैं। अगर मौसम में आई इस बदलाव के प्रभाव की बात करें, तो फतेहाबाद, कैथल, जींद, हिसार, रोहतक, भिवानी, पानीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र, सिरसा और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। इससे पहले इन जिलों में मौसम में थोड़ा सा बदलाव देखा गया था, और अब बारिश के साथ-साथ तापमान में भी कमी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण है कुछ क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि को बताया जा रहा है।
ओलावृष्टि की संभावना
साथियों, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में कई इलाकों में आगामी दो दिनों में भी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। ओलावृष्टि, यानी बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े गिरना, जो कि मौसम में ठंडक बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के लिए एक गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां गेहूं और अन्य फसलें पकने के कगार पर हैं, वहां ओले गिरने से भारी नुकसान हो सकता है। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए यह एक बड़ा खतरा बन सकता है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो सकती हैं। इसलिए मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट किया है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि उन्हें इस अप्रत्याशित मौसम के असर से बचाया जा सके। क्योंकि इस समय, जब गेहूं की फसल तैयार हो रही है, तो ओलावृष्टि होने पर पूरी फसल प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से भी फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को मौसम की स्थिति का ध्यान रखते हुए अपनी फसलों की देखभाल करनी चाहिए, खासकर गेहूं जैसी फसलों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है। साथी, किसानों को यह सलाह दी जाती है कि अगर वे गेहूं की फसल में सिंचाई करने की सोच रहे हैं, तो एक-दो दिन सिंचाई को रोक सकते हैं, क्योंकि सिंचाई करने के बाद अगर बारिश होती है, तो ऐसी अवस्था में गेहूं की फसल में अत्यधिक नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।
हरियाणा के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट
साथियों, मौसम विभाग ने 27 फरवरी से 1 मार्च तक हरियाणा के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में भारी बारिश और हल्की वर्षा की संभावना है, उनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, झज्जर, रोहतक, भिवानी और चरखी दादरी शामिल हैं। इनमें से कुछ जिलों में कल सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हो रही है, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में बादल घेर चुके हैं और मौसम ठंडा हो गया है। पानीपत में तो कल सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, जबकि जींद और झज्जर में हल्की बारिश का दौर जारी है। इन क्षेत्रों में बादल घेरने के साथ-साथ मौसम में बदलाव हो रहा है। इसके अलावा बारिश के साथ हवा की गति भी बढ़ गई है, जिससे तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का असर 1 मार्च तक जारी रह सकता है, और आगामी दिनों में कुछ और पश्चिमी विक्षोभों का असर भी देखने को मिल सकता है।
दिन और रात के तापमान में बदलाव
साथियों, हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 1 मार्च तक मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट होगी। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाएं तेज हो सकती हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। इस समय, दिन के तापमान में उछाल हो सकता है, जिससे दिन में अधिक गर्मी महसूस हो सकती है। लेकिन रात के तापमान में गिरावट के कारण ठंड बढ़ने का अनुमान है। इससे पहले, हिसार जैसे इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है।
कश्मीर में बर्फबारी और बारिश
साथियों, इस समय जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 28 फरवरी तक कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। यह बदलाव जम्मू-कश्मीर के मौसम को प्रभावित करेगा और वहां के लोगों को भारी बर्फबारी से जूझना पड़ सकता है। साथ ही इस बर्फबारी का असर पूरे उत्तर भारत में ठंड के रूप में देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर में हो रही इस बर्फबारी के कारण चल रही ठंडी हवाएं और अधिक ठंडी हो सकती हैं और तापमान में और अधिक गिरावट आ सकती है।
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।