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सरसों में बन सकता है मंदे का दलदल | नयी सरसों में तेजी की कितनी आस | सरसों के सारे किसान ये रिपोर्ट जरूर देख लें

सरसों में बन सकता है मंदे का दलदल | नयी सरसों में तेजी की कितनी आस | सरसों के सारे किसान ये रिपोर्ट जरूर देख लें

किसान साथियो मंडी भाव टुडे पर हमने काफी पहले बता दिया था कि सरसों और अन्य तिलहन फसलों में तेजी की संभावना बहुत कम है। दिवाली के समय जब सरसों के भाव जयपुर में 6100 के हुए थे तब हमने बिल्कुल साफ़ शब्दों में कहा था कि सरसों को निकालने में फायदा है। और आगे चलकर इसमे भारी मंदे का दलदल बन सकता है। हम जानते हैं कि हमारे बहुत सारे किसानों ने उसे समय सरसों को निकाल दिया होगा । लेकिन हम यह भी जानते हैं कि हमारे कुछ किसान साथी हैं जो आज भी पुरानी सरसों को होल्ड करके बैठे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से लाल सागर के रूट में जहाजों पर हौथी संगठन के हमले के कारण और सर्दियों की थोड़ी बहुत डिमांड निकलने के चलते सरसों के बाजार में थोड़ी बहुत तेजी जरूर दिखी थी लेकिन अब यह मामला भी ठंडा बस्ती में जाता हुआ दिखाई दे रहा है। घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार हर जगह तेल तिल होने के बाजार में मंदी छाई हुई है । आज की रिपोर्ट में हम सरसों के बाजार का विश्लेषण करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि पुरानी सरसों निकालने के लिए सबसे उपयुक्त समय कब हो सकता है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट पर भरोसा कम हुआ
किसान साथियों भारत में ज्यादातर विश्लेषण  फसलों के भाव का विश्लेषण अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर करती हैं। लेकिन इन दिनों ऐसा लग रहा है कि विदेशी रिसर्च एजेंसियां फसलों की उपज को लेकर अनाप-शनाप रिपोर्टिंग करती रहती हैं। उदाहरण के लिए अगर आप पिछले दो महीने का डाटा देखें तो कम से कम 10 बार ब्राजील और अमेरिका में सोयाबीन की फसल को बेहतर और 10 बार खराब बता दिया गया है। ऐसा लगता है कि यह एजेंसियां बाजार की दलालों से मिली हुई है जो इन एजेंसियों के द्वारा दी गई खबरों के आधार पर बाजार में पैसा लगा रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो अमेरिका में सोया तेल के भाव 2021 के बाद अपने न्यूनतम स्तर के आसपास चल रहे हैं। मलेशिया के बाजार भी एक रेंज बॉउन्ड तरीके से व्यापार कर रहे हैं। लाल सागर के तनाव के चलते खाली तेलों में थोड़ी सी मजबूती बनी थी लेकिन अब वह भी हवा होती दिखाई दे रही है। ऐसा नहीं लगता कि बाजार को किसी भी दिशा से कोई सहारा मिलने वाला है। इसलिए जो किसान साथी तेजी की उम्मीद लगाए बैठे हैं उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। आने वाले समय में सरसों की आवक 12 लाख के ऊपर जानी है। तेल मिलों के मिलिंग पड़ते नहीं लग रहे हैं। ऐसे में नहीं लगता कि सरसों के भाव जल्दी ही बढ़ने वाले हैं

पाम तेल में क्या है रूझान
दोस्तों मलेशियाई बाजार केएलसी में मजबूती के चलते गुरुवार को पाम तेल की कीमतों में सुधार हुआ कांडला पाम ऑयल 1₹/किलो बढ़कर 835 के स्तर पर पहुंच गया। सोया तेल के साथ पाम तेल का अंतर कम होने से पाम तेल की मांग प्रभावित हो रही है हालाँकि, केएलसी सकारात्मक रहने के कारण पाम तेल के स्थिर रहने की उम्मीद है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां से आगे पाम तेल आयात डिस्पैरिटी के चलते निचले स्तरों पर समर्थन तो मिल सकता है लेकिन कुल मिलाकर  पाम ऑयल की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है, बड़ी गिरावट या बढ़त नहीं दिखती।
सोया तेल को लेकर क्या है अपडेट
मलेशिया और चीन के बाज़ारों में पाम की मजबूती के रुख को देखते हुए सोया तेल में स्थिर से मजबूत कारोबार देखने को मिला है। हालांकि साल्वेंट प्लांटों ने सोया तेल के भाव लगभग स्थिर ही रहे । डिमांड सुस्त होने के चलते मलेशियाई बाजार केएलसी की तेजी को भी नजरअंदाज किया। काला सागर क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण रिफाइनर्स ने रेडी स्टॉक के भाव बढ़ाये । सोया तेल के फंडामेंटल फ़िलहाल बड़ी तेजी की और इशारा नहीं कर रहे हैं कांडला सोया तेल 915 के ऊपर टिकने पर ही बड़ी तेजी आएगी। सोयाबीन में बड़ी तेजी मंदी की गुंजाइश कम होने के चलते किसान चाहें तो हर छोटे मोटे उछाल पर माल निकालते रहें।

सरसों को लेकर क्या है अपडेट
किसान साथियो नयी सरसों की आवक शुरू होने वाली है। जैसे जैसे नयी सरसों की आवक बढ़ेगी भाव में गिरावट शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि सरसों के भाव पहले ही धरातल पर चल रहे हैं और मलेशिया में पाम तेल के भाव सुधर रहे हैं। ऐसे में सरसों को थोड़ा बहुत सपोर्ट मिल सकती है। लेकिन यह सपोर्ट लंबे समय में सरसों के भाव को गिरने से रोक पाएगी ऐसा नहीं लगता। सरसों का पुराना स्टॉक अभी तक खपा नहीं हैं और उत्पादन भी ज्यादा बताया जा रहा है ऐसी परिस्थिति में माल को निकालते रहना चाहिए। आज के बाजार की बात करें तो आज जयपुर में कंडीशन 42 सरसों के भाव 5625 पर खुले हैं और इसमे 50 की तेजी दिखाई दी है। भरतपुर में भी सरसों के भाव ने रो पीट कर 5300 का स्तर किसी तरह पा लिया है। ब्रांडेड तेल मिलों ने भाव बढ़ाए जरूर हैं लेकिन इका एक पल का भी भरोसा नहीं किया जा सकता आवक 2 लाख 85 हजार बोरी की बनी हुई है। इसके आलावा मलेशियाई बाजारों में पाम तेल में मामूली तेजी दिख रही है। घरेलू बाजार में सोया और सूरजमुखी तेल के भाव स्थिर हैं। किसान साथियो से निवेदन है कि व्यापार अपने विवेक से ही करें

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।