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इस हफ्ते कैसे चलेगा सोयाबीन का बाजार | सोयाबीन बेचने से पहले ये रिपोर्ट जरूर देख लें

इस हफ्ते कैसे चलेगा सोयाबीन का बाजार | सोयाबीन बेचने से पहले ये रिपोर्ट जरूर देख लें
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किसान साथियों और व्यापारी भाइयों सोयाबीन की किसानों और व्यापारियों की अभी तक अच्छे दिन आने बाकी हैं। सोया के बाजार में लंबे समय से मंदी का माहौल छाया हुआ है। सबके मन में बार बार यह सवाल उठ रहा है कि मंदी के यह बादल आखिर कब छंटेंगे। दोस्तों इस सवाल का उत्तर देना आसान नहीं है लेकिन मंडी भाव टुडे ने सोयाबीन के बाजार का पूरा विश्लेषण किया है जिसके आधार पर हम आपके सामने सोया के बाजार की चाल और आने वाले समय में संभावित ट्रेंड जानने की कोशिश करेंगे। अगर आप सोयाबीन के किसान या व्यापारी है या आपके पास सोयाबीन का स्टॉक पड़ा हुआ है तो आपको यह रिपोर्ट अंत तक पढ़नी चाहिए। 

आवक और स्टॉक की स्थिति
दोस्तों सबसे पहले सोयाबीन की आवक को समझने की कोशिश करते हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जनवरी महीने में 11 लाख टन सोयाबीन की मंडियों में आवक हुई है। अगर सीज़न की कुल आवक को देखें तो अक्टूबर से लेकर जनवरी तक कुल आवक 57.5 लाख टन की हुई है। यह आवक पिछले साल के मुकाबले 4.5 लाख टन कम है। बात पेराई की करें तो पेराई भी सुस्त रही है—अब तक सिर्फ 42 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जो पिछले साल की पेराई 47 लाख के मुकाबले 11% कम है। अगर सोयाबीन की उपलब्धता को देखा जाए तो 1 फरवरी तक सरकारी स्टॉक समेत कुल 77.7 लाख टन सोयाबीन उपलब्ध है, जो पिछले साल की तुलना में 5.62% कम है।

बाजार में सुस्ती, तेजी के संकेत कम
दोस्तों भले ही सोयाबीन की उपलब्धता कम हो लेकिन कमजोर पेराई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुस्ती के चलते सोयाबीन की मांग कमजोर बनी हुई है। सोया तेल का ज्यादा आयात और सोयामील (DOC) की धीमी मांग ने पेराई उद्योग पर दबाव बना दिया है। प्लांट वाले ऊंचे दाम पर खरीदने में जल्दबाजी नहीं कर रहे, क्योंकि ब्राजील और अर्जेंटीना की रिकॉर्ड फसल से वैश्विक स्टॉक बढ़ रहा है। DOC की मांग कम होना भी पेराई घटने का कारण माना जा रहा है। 

विदेशी बाजारों से क्या मिल रहे हैं संकेत 
अमेरिकी बाजार सीबीओटी पर सोया तेल इस हफ्ते ज्यादा हलचल नहीं दिखा पाया और लगभग स्थिर बंद हुआ। जैव ईंधन की कम खपत और टैरिफ में देरी ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
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प्लांटों की खऱीद से क्या मिल रहा है संकेत 
काफी लंबे समय बाद महाराष्ट्र के कीर्ति प्लांट का रेट 4300 के नीचे आया है। 4300 की सपोर्ट को तोड़ना एक अच्छा संकेत नहीं है। अगर सोयाबीन का रेट 4300 के नीचे टिका रहा, तो सोयाबीन में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में किसानों और व्यापारियों को जल्दबाजी में स्टॉक बेचने या खरीदने से बचना चाहिए।

भारतीय सोया तेल बाजार का अपडेट
सोया तेल की कीमतें पिछले हफ्ते 3-3.5 रुपये प्रति किलो बढ़ गईं। अर्जेंटीना के मजबूत बाजार और कमजोर स्टॉक ने कीमतों को सपोर्ट दिया, लेकिन ड्यूटी बढ़ने की अफवाहों ने बाजार को सहारा तो दिया लेकिन ज्यादा बड़ी तेजी नहीं आई। कांडला में सोया तेल 1300 के पार गया, लेकिन टिक नहीं पाया।
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क्या बाजार में सुधार संभव है?
किसान साथियो और व्यापारी भाइयों, ऊपर किए गए विश्लेषण से आप यह आसानी से समझ सकते हैं कि सोयाबीन और सोयाबीन की बाजार में बड़ी तेजी की संभावना कम दिख रही है। लेकिन अगर सरकार आयात शुल्क बढ़ाती है या वायदा कारोबार फिर से शुरू करती है, तो बाजार में कुछ राहत मिल सकती है।
अगर आप ऐसे ही पल पल की जानकारी देखना चाहते है तो आप हमारी सर्विस ले सकते है जो केवल 500 रूपये की है और ये 6 महीनो तक की है लेने के लिए 9518288171 पर मैसेज या कॉल करे | इसके अलावा सोयाबीन के भाव अब धरातल पर आ चुके हैं इसलिए बड़ी मंदी भी नजर नहीं आती। इसलिए, किसानों को स्टॉक पर नजर रखनी होगी और व्यापारी किसी भी सरकारी हस्तक्षेप के संकेतों को पकड़ने के लिए सतर्क रहें। व्यापार अपने विवेक से करें

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।

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