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अब फसल खराब होने पर मिलेगा पूरा हर्जाना | जानें पूरी डिटेल्स

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किसान साथियों, आजकल हमारे देश में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, सूखा, बाढ़ या फिर फसलों पर लगने वाले कीट और रोग—इन सभी कारणों से हर साल लाखों एकड़ जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई बार तो किसान की पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो जाती है और फसल पर किया गया खर्च उनके बोझ को और भी अधिक बढ़ा देता है। क्योंकि जैसा कि आपको पता है कि ज्यादातर किसान अपनी फसल पर आने वाले खर्च को कर्ज लेकर पूरा करते हैं और बाद में फसल पकने के बाद उसे बेचकर वह उस कर्ज को वापस लौटाते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा से फसल में नुकसान होने पर वह इस कर्ज को लौटाने में असमर्थ हो जाते हैं और फिर उन्हें समझ में नहीं आता कि वह इस समस्या का समाधान किस प्रकार करें। इसी प्रकार की समस्याओं के कारण कई बार तो किसान साथी आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। दोस्तों, इन आपदाओं को रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण कदम है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना। यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि वह प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न होने वाले जोखिमों से बच सकें और अपने नुकसान की भरपाई कर सकें। इस योजना के तहत, किसान अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं और किसी भी प्रकार के प्राकृतिक संकट के कारण हुई फसल क्षति के लिए मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। यह योजना किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, खासकर उन किसानों के लिए जो हर साल प्राकृतिक आपदाओं का शिकार होते हैं। इस योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के नुकसान से बच सकते हैं। इस रिपोर्ट में, हम आपको प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, और इसमें पंजीकरण कैसे करें, और इस योजना में किसानों को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं। इन सब बातों को विस्तार से जानने के लिए चलिए पढ़ते हैं यह रिपोर्ट।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

किसान साथियों, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और फसलों की बीमारियों के कारण होने वाली आर्थिक क्षति से बचाना है। इस योजना के तहत, किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं, जिससे यदि फसल खराब होती है, तो उन्हें सरकार की तरफ से मुआवजा मिलता है। इस बीमा योजना की शुरुआत 2016 में की गई थी और यह किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए बनाई गई है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास फसलों के नुकसान की भरपाई करने के लिए कोई और स्रोत नहीं होता। पीएमएफबीवाई के तहत, किसान कम प्रीमियम में अपनी फसल का बीमा कर सकते हैं और प्राकृतिक आपदाओं या अन्य जोखिमों से होने वाले नुकसान का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कई डिजिटल पहल की हैं, जिनसे किसान घर बैठे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

फसल बीमा पंजीकरण

किसान भाइयों, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण कराने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। इन दस्तावेजों के माध्यम से, फसल के बीमा का सही तरीके से पंजीकरण हो सकता है। यहां हम आपको उन दस्तावेजों के बारे में बताएंगे, जो आपको फसल बीमा पंजीकरण के दौरान ज़रूरत पड़ सकते हैं। इस योजना में शामिल होने के लिए सबसे पहले, आपको अपने बैंक खाते का विवरण देना होगा। इसके लिए, बैंक की पासबुक का पहला पृष्ठ की फोटोकॉपी आवश्यक होती है। इसके साथ ही आपको आधार कार्ड की फोटोकॉपी की भी आवश्यकता पड़ेगी। आपको अपना मोबाइल नंबर भी पंजीकरण के दौरान देना होगा। इसके अलावा आपकी भूमि का रिकॉर्ड, जैसे खसरा खतौनी नंबर, भी अनिवार्य रूप से देना होगा। यदि आप भूमि मालिक हैं, तो आपको आरओ आर एलपीसी (भूमि कब्जा प्रमाण पत्र) की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, यदि आप बटाईदार या किराएदार किसान हैं, तो राज्य सरकार द्वारा जारी समझौता पत्र की जरूरत पड़ेगी।

फसल बीमा के लिए भुगतान

किसान साथियों, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल बीमा का प्रीमियम बेहद सस्ता मिलता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रीमियम पर सब्सिडी दी जाती है, जिससे किसानों को न्यूनतम प्रीमियम देना होता है। इस योजना के तहत, विभिन्न फसलों के लिए प्रीमियम की दरें अलग-अलग होती हैं। इसके लिए आपको बता दें कि खरीफ सीजन में होने वाली फसलों का बीमा करने के लिए 2% प्रीमियम देना होता है। और रबी सीजन की फसलों के लिए यह दर 1.5% होती है। इसके अलावा बागवानी और वाणिज्यिक फसलों के लिए प्रीमियम 5% होता है। किसानों के लिए यह प्रीमियम बहुत ही सस्ता होता है, और किसानों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी की वजह से, उन्हें बहुत कम राशि जमा करनी होती है। बाकी का खर्च केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देती हैं।

बीमा योजना की सुगमता

किसान भाइयों, आजकल डिजिटल तकनीक का उपयोग हर क्षेत्र में बढ़ रहा है, और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी इसका पूरा उपयोग किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों के जरिए किसान आसानी से अपने फसल का बीमा करवा सकते हैं और साथ ही योजना से संबंधित हर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह योजनाओं की पारदर्शिता को भी बढ़ाता है और किसानों के लिए प्रक्रिया को और भी सरल बनाता है। इसके अलावा किसान अब क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके फसल बीमा की सारी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए किसान अपने फसल का प्रीमियम कैलकुलेट कर सकते हैं, और बीमा पॉलिसी डाउनलोड कर सकते हैं और क्लेम स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।

व्हाट्सएप बोट सेवा

किसान साथियों, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत व्हाट्सएप बोट की सुविधा भी प्रदान की गई है। किसान इस बोट के माध्यम से बीमा पॉलिसी से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि दस्तावेज़, क्लेम स्टेटस, और प्रीमियम कैलकुलेशन। इसके लिए आपको बस व्हाट्सएप पर 7065514447 नंबर पर "हाय" या "हैलो" लिखकर भेजना होता है, और इसके बाद सभी जानकारी मिल जाती है। इसके अलावा किसानों की मदद के लिए एक कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर (14447) भी शुरू किया गया है, जहां से किसान अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर कॉल करके आप फसल बीमा से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं और अपने सवालों का जवाब पा सकते हैं।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।