Movie prime

अगर अपनी गेहूं को गर्मी के कहर से बचाना है तो बस ये पोस्ट पढ़ लो

अगर अपनी गेहूं को गर्मी के कहर से बचाना है तो बस ये पोस्ट पढ़ लो
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
किसान साथियो, कृषि क्षेत्र में मौसम का प्रभाव सबसे अधिक फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता पर पड़ता है। खासकर गेहूं जैसी महत्वपूर्ण फसलें, जिनकी उपज पर तापमान और मौसम का सीधा असर पड़ता है। खास तौर पर जब गेहूं की बालियां निकलने का समय होता है, तब अगर अचानक तापमान बढ़ जाता है, तो इसका प्रभाव गेहूं के दाने पर पड़ता है। विशेष रूप से फरवरी और मार्च के महीनों में जब सूरज की गर्मी बहुत बढ़ जाती है, तो गेहूं की बालियों में दाना सही से नहीं भरता और उनकी गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डालता है। इस समय किसानों को यह समझ में नहीं आता कि वह अपनी फसल को गर्मी के प्रभाव से किस प्रकार सुरक्षित करें। तो हम आपको बता दें कि इस समय पर पोटेशियम का महत्व सामने आता है। पोटेशियम गेहूं की फसल के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है जो न केवल फसल की वृद्धि को बढ़ावा देता है, बल्कि गर्मी से होने वाले नुकसान को भी कम करता है। पोटेशियम का छिड़काव करने से गेहूं की फसल में जो नुकसान हो सकता है, उसे काफी हद तक रोका जा सकता है। इस रिपोर्ट में हम पोटेशियम के महत्व और उसे कैसे सही तरीके से छिड़काव करके गेहूं की फसल को गर्मी से बचाया जा सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। तो चलिए इस विस्तार से समझने के लिए पढ़ते हैं यह रिपोर्ट।

पोटेशियम का कार्य

किसान साथियों, गेहूं की फसल में पोटेशियम का उपयोग करने से पहले यह समझना बहुत ही आवश्यक है कि आखिर पोटेशियम गेहूं की फसल में क्या कार्य करता है। तो इसके लिए हम आपको बता दें कि पोटेशियम गेहूं जैसी फसलों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो पौधों के विभिन्न शारीरिक और जैविक क्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। यह पौधों के जल संतुलन को बनाए रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और तनाव (stress) को कम करने में सहायक है। पोटेशियम पौधों में पानी के सही वितरण को सुनिश्चित करता है, जिससे पौधों को जल की कमी महसूस नहीं होती। खासकर जब तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो पोटेशियम की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि यह मिट्टी में नमी की मात्रा को बनाए रखने में काफी सहयोग करता है। इसके अलावा, पोटेशियम गेहूं के पौधों में कई तरह से कार्य करता है। यह पौधों की पत्तियों में पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाता है, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है। साथ ही, यह तापमान के प्रभाव को कम करने में भी मदद करता है। जब गर्मी ज्यादा होती है, तो पत्तियों में पानी का नुकसान ज्यादा होने लगता है, और पत्तियां जल्दी सूखने लगती हैं। इस स्थिति में पोटेशियम का योगदान बहुत बड़ा होता है, क्योंकि यह पत्तियों के जल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

पोटेशियम का छिड़काव

किसान साथियों, गेहूं की बालियां निकलने का समय अत्यधिक तापमान पर निर्भर करता है, इसलिए जब तापमान बढ़ता है तो फसल के लिए पोटेशियम का छिड़काव बहुत लाभकारी होता है। पोटेशियम का छिड़काव करने से यह पौधों में सीधा अवशोषित होता है और बालियों में जाता है, जहां इसका प्रभाव देखा जा सकता है। यह गेहूं की बालियों के अंदर दाना भरने की प्रक्रिया को सुधारता है और उच्च तापमान के प्रभाव को कम करता है। गेहूं की फसल में पोटेशियम के छिड़काव से ना केवल उपज में वृद्धि होती है, बल्कि यह दाने की गुणवत्ता को भी सुधारता है। गर्मी में जब तापमान ज्यादा बढ़ता है, तो पत्तियों से पानी की अत्यधिक वाष्पीकरण (transpiration) होने लगती है, जिससे दाने का आकार छोटा हो जाता है और गुणवत्ता में गिरावट आती है। पोटेशियम के छिड़काव से यह वाष्पीकरण कम होता है, जिससे दाने की गुणवत्ता और आकार दोनों सुधरते हैं।

MOP और SOP
किसान साथियों, गेहूं में पोटेशियम की कमी को दूर करने के लिए, किसान MOP (Murate of Potash) और SOP (Sulphate of Potash) जैसे पोटेशियम आधारित उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन दोनों उर्वरकों का छिड़काव गेहूं की फसल में पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करता है, जो तापमान के असर से बचने में मदद करता है। लेकिन इन दोनों में कुछ भिन्नताएं भी होती हैं। MOP या पोटेशियम क्लोराइड, पोटेशियम का एक प्रमुख स्रोत है। यह उर्वरक गेहूं के पौधों को पोटेशियम प्रदान करता है, जिससे उनकी गर्मी सहनशीलता बढ़ती है। MOP का छिड़काव करने से गेहूं की फसल को न केवल तापमान से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है, बल्कि यह पौधों की वृद्धि में भी सहायता करता है। इसके अलावा SOP या पोटेशियम सल्फेट, पोटेशियम का दूसरा महत्वपूर्ण स्रोत है। SOP में पोटेशियम के साथ सल्फर भी होता है, जो पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक होता है। SOP का छिड़काव गेहूं की फसल के लिए बहुत लाभकारी है क्योंकि यह न केवल गर्मी के प्रभाव को कम करता है, बल्कि पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

छिड़काव का सही तरीका और समय

किसान भाइयों, जब आप पोटेशियम का छिड़काव करते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आप इसे सही समय पर और सही तरीके से कर रहे हैं। पोटेशियम के छिड़काव का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम होता है, जब तापमान ज्यादा नहीं होता। सुबह के समय ओस (dew) खत्म हो जाती है और पत्तियां पानी अवशोषित करने के लिए तैयार होती हैं। पोटेशियम के छिड़काव करने के लिए, आप 1 लीटर पानी में 2 से 3 ग्राम MOP या SOP घोल सकते हैं। इस घोल को 100 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इस प्रकार, 1 एकड़ खेत में लगभग 200 से 250 लीटर पानी का छिड़काव किया जा सकता है, जो खेत की स्थिति पर निर्भर करता है।

छिड़काव के लाभ

किसान साथियों, पोटेशियम के छिड़काव से गेहूं की फसल को कई फायदे होते हैं। पोटेशियम पौधों को गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाता है और बालियों में दाना अच्छे से भरने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, पोटेशियम फसल की गुणवत्ता और उपज को बढ़ाता है, जिससे किसान को बेहतर मुनाफा होता है। पोटेशियम की सही मात्रा फसल की वृद्धि को उत्तेजित करती है और पौधों को स्वस्थ रखती है। इसके अलावा, पोटेशियम पौधों के अंदर पानी के संतुलन को बनाए रखता है, जिससे सूखा और गर्मी की स्थिति में फसल की स्थिति बेहतर रहती है। अगर पोटेशियम के अन्य फायदों की बात करें तो पोटेशियम पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे फसल पर होने वाले विभिन्न रोगों और कीटों का प्रभाव कम होता है। क्योंकि पोटेशियम में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अधिक होती है।

नोट: रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारी किसानों के निजी अनुभव और इंटरनेट पर मौजूद सार्वजनिक स्रोतों से इकट्ठा की गई है। संबंधित किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृषि विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।

 👉 चावल के लाइव भाव देखने के लिए लिंक पर क्लिक करे

👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट

👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव

👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें

About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।