पिछले तीन साल से सरकार को नहीं मिल रहा लक्ष्य के अनुसार गेहूं | जाने इस बार क्या मिल रहे सरकरी खरीद के रुझान
किसान साथियो और व्यापारी भाइयो हरियाणा में सरकारी एजेंसियों ने इस बार 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में 5 लाख टन कम है। लक्ष्य को कम करने का कारण पिछले तीन वर्षों में खरीद के लक्ष्य का पूरा न होना है। हालांकि, इस वर्ष गेहूं की पैदावार पिछले वर्ष की तुलना में 1 लाख टन अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रबी सीजन की फसलों की खरीद की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। अगर आपको जानना है की आगे गेहूं के भाव में तेजी आएगी या गिरावट आएगी और साथ में रोजाना मंडी का भाव भी चाहिए तो ले हमारी प्रीमियम सर्विस केवल 500 रूपये में 6 महीनो तक | सर्विस लेने के लिए ही कॉल या मसेज करे भाव पूछके परेशान न करे | सर्विस लेने के लिए 9518288171 पर संपर्क करे
हरियाणा निवास में आयोजित एक बैठक में गेहूं खरीद के लक्ष्य को निर्धारित किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मंडियों में खरीद से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। इस बैठक में गेहूं, जौ, और चने की खरीद 1 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया, जबकि सूरजमुखी की खरीद 1 जून से प्रारंभ होगी। इसके अतिरिक्त, सरसों की खरीद 15 मार्च और मसूर की 20 मार्च से पहले ही शुरू हो चुकी है, और यह 1 मई तक जारी रहेगी। किसानों की सुविधा के लिए, गेहूं खरीद के लिए हरियाणा भर में 415 मंडियां, जौ के लिए 25, चने के लिए 11, मसूर के लिए 7, सरसों के लिए 116, और सूरजमुखी के लिए 17 मंडियां और खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
मंडियों में कमियां जल्द होंगी दूर
मुख्यमंत्री ने अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। खरीद एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मंडियों में बारदाने की कोई कमी न हो। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग 30%, हैफेड 40%, हरियाणा राज्य भंडारण निगम 20% और भारतीय खाद्य निगम 10% खरीद करेगा। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में खाली जगहों पर बड़े शेड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रबी फसलों की खरीद अवधि को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर 15-20 दिनों तक बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। आढ़तियों से किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। किसानों और व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। सभी जिला उपायुक्तों को खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक टीम गठित करने के लिए कहा गया है।
किस फसल का कितना है न्यूनतम समर्थन मूल्य
हरियाणा सरकार ने के MSP की लिस्ट जारी कर दी है। उसमें गेहूं का MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल है, जौ का MSP 1980 रुपये प्रति क्विंटल है, चने का MSP 5650 रुपये प्रति क्विंटल है, मसूर का MSP 6700 रुपये प्रति क्विंटल है, सरसों का MSP 5950 रुपये प्रति क्विंटल है, और सूरजमुखी का MSP 7280 रुपये प्रति क्विंटल है।
पिछले 3 साल के खरीद और लक्ष्य के आंकड़े
पिछले तीन सालों के खरीद और लक्ष्य के आंकड़ों को देखा जाए तो, साल 2022 में 85 लाख टन का लक्ष्य तय किया था और 42 लाख टन की खरीद हुई, जबकि कुल उत्पादन 104 लाख टन रहा। अगर आपको जानना है की आगे गेहूं के भाव में तेजी आएगी या गिरावट आएगी और साथ में रोजाना मंडी का भाव भी चाहिए तो ले हमारी प्रीमियम सर्विस केवल 500 रूपये में 6 महीनो तक | सर्विस लेने के लिए ही कॉल या मसेज करे भाव पूछके परेशान न करे | सर्विस लेने के लिए 9518288171 पर संपर्क करे साल 2023 में 80 लाख टन का लक्ष्य तय किया गया और 63.17 लाख टन की खरीद हुई, और कुल उत्पादन 110 लाख टन दर्ज किया गया। वहीं, साल 2024 में 85 लाख टन के लक्ष्य के साथ 71.50 लाख टन की खरीद हुई, जबकि कुल उत्पादन 124 लाख टन रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले तीन वर्षों में कुल उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है, और खरीद भी लक्ष्य के करीब पहुंच रही है। इसी लिए इस बार सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 5 लाख टन घटाकर 75 लाख टन कर दिया है और सरकार का मानना है कि इस बार तो लक्ष्य पूरा हो ही जाएगा, बाकी व्यापार अपने विवेक से करें।
👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट
👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव
👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें
About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।