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आयातित पाम ने बिगाड़ा सरसों का खेल देखें आज की तेजी मंदी रिपोर्ट

आयातित पाम ने बिगाड़ा सरसों का खेल देखें आज की तेजी मंदी रिपोर्ट
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आयातित पाम ने बिगाड़ा सरसों का खेल देखें आज की तेजी मंदी रिपोर्ट
किसान साथियो ज्यों ज्यों सरसों अपने नए सीजन की तरफ बढ़ रही है तेल तिलहन के बाजार में बैचेनी बढ़ने लगी है। कुछ किसान साथियो ने सरसों को अभी तक होल्ड करके रखा हुआ है और अब वे बेसब्री से भाव के बढ़ने का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन तेल तिलहन का बाजार अब ठहरता सा दिखाई दे रहा है। सरकार पाम तेल का आयात बढ़ा रही है क्युकी यह घरेलू तेल से सस्ती दरों पर उपलब्ध है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों में पाम तेल के आयात में 29% से भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।

मंगलवार और बुधवार के बाजार की बात करें तो तेल मिलों की मांग कमजोर होने के कारण घरेलू बाजार में सरसों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है । जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 75 रुपये कमजोर होकर 6675 रुपये प्रति क्विंटल पर आ चुके हैं। भरतपुर में सरसों का अंतिम भाव 6364 और दिल्ली लॉरेंस रोड़ पर 6650 रुपये प्रति क्विंटल तक रिपोर्ट किया गया है। भिवानी में 40 कंडीशन सरसों के रेट 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों की बात करें तो सलोनी प्लान्ट पर भाव मे कमजोरी देखने को मिली है। और अंतिम भाव 7175 रुपये प्रति क्विंटल तक रिपोर्ट किए गए हैं। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक 2.50 लाख बोरियों के पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही।

व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में सुबह के सत्र में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन शाम के सत्र में दाम तेज हो गए। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति द्वारा बायोडीजल मिश्रण की 35% करने पर विचार की खबर चली। कैबिनेट की बैठक के बाद कहा गया कि राष्ट्रपति जोको विडोडो ने सरकार से बी35 बायोडीजल को सुनिश्चित करने के लिए अगले साल एक नीति बनाने के लिए कहा है। इसके तहत बायोडीजल में पाम तेल आधारित ईंधन का 35 फीसदी मिश्रण होता है। ख़बर आने के बाद मलेशियाई पाम ऑयल के भाव बढ़ गए। हालांकि बाद मे ज्यादा इस ख़बर का असर ज्यादा देर नहीं चल पाया और दिन ढलते ढलते तेजी समाप्त हो गई

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, बीएमडी पर फरवरी महीने के वायदा अनुबंध में पाम तेल के भाव शाम के सत्र में 2.99 फीसदी तेज होकर 4,086 रिगिंट प्रति टन पर बंद हुए। दोपहर में इसकी कीमत नीचे में 2.16 फीसदी तक कमजोर हुई थी। इस दौरान शिकागो में जनवरी महीने के वायदा अनुबंध में सोया तेल के दाम 0.77 फीसदी तेज हुए।

घरेलू बाजार की बात करें तो जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमत को 12-12 रुपये कमजोर होकर भाव क्रमशः 1352 रुपये और 1342 रुपये प्रति 10 किलो रह गई। इस दौरान सरसों खल की कीमतें 2575 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर स्थिर बनी रही।

किसान साथियो सरसों के भाव के कमजोर होने का एक बड़ा कारण आयात का बढ़ना भी है। भारत में पाम तेल उत्पादों का आयात नवंबर में 29 फीसदी बढ़कर 11.4 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि इसके पिछले साल नवंबर में इनका आयात केवल 539,639 टन का ही हुआ था। जानकारों के अनुसार पाम तेल के आयात में बढ़ोतरी इसलिए हुई है, क्योंकि यह अन्य तेलों की तुलना में अभी भी सबसे सस्ता तेल है। हालांकि चीन में कोरोना के मामलों में हो रही बढ़ोतरी के कारण लॉकडाउन की सख्ती होने की आशंका अभी भी विश्व बाजार में बनी हुई है। इसलिए विदेशी बाजार में अभी खाद्य तेलों की कीमतों में बड़ी तेजी के आसार कम है।

आपकी सुविधा के लिए सरसों के ताजा भाव नीचे दे दिए गए हैं

जयपुर मंडी सरसों भाव ₹ 6675/6700 तेजी ₹ 50
दिल्ली मंडी सरसों भाव ₹ 6500/6550 तेजी ₹ 50
बरवाला मंडी सरसों भाव ₹ 6100/6150
हिसार मंडी सरसों भाव ₹ 6200
अलीगढ मंडी सरसों भाव ₹ 5900 तेजी ₹ 100
ग्वालियर मंडी सरसों भाव ₹ 6000/6200
पोरसा मंडी सरसों भाव ₹ 6025
मोरे मंडी सरसों भाव ₹ 6050
गोयल कोटा मंडी सरसों भाव ₹ 6470 मंदी ₹ 30
आगरा शमशाबाद/दिगनेर सरसों भाव ₹ 7150 मंदी ₹ 50
अलवर सलोनी सरसों भाव ₹ 7125 मंदी ₹ 25
कोटा सलोनी सरसों भाव ₹ 7125 मंदी ₹ 25
भरतपुर सरसों भाव ₹ 6364 तेजी ₹ 10