Movie prime

थाईलैंड के चावल की कीमतें पहुंची दो वर्षों के ऊंचे स्तर के नजदीक | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

थाईलैंड के चावल की कीमतें पहुंची दो वर्षों के ऊंचे स्तर के नजदीक | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

किसान साथियो एक सप्ताह पूर्व की तुलना में एशियाई कारोबार में बीते सप्ताह शीर्ष निर्यातक देशों के चावल की कीमत में तेजी आई। कारोबारियों तथा विश्लेषकों ने कहा कि बाहट में मजबूती आने तथा मांग भी बढ़ने के कारण इस दौरान थाई चावल की निर्यात कीमत तेज होती हुई दो महीनों के ऊंचे स्तर के नजदीक पहुंच गई। आलोच्य प्ताह के दौरान थाईलैंड का 5 प्रतिशत टुकड़ा चावल थोड़ा तेज होकर 600 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया। पिछले सप्ताह इसकी कमीमत 588-595 डॉलर के बीच बनी हुई थी। कारोबारियों ने ककहा कि मुद्रा विनिमय दर में हो रहे उतार- चढ़ाव की वजह से चावल की निर्यात कीमत में नवीनतम तेजी आई है। यहां स्थित एक कारोबारी ने कहा कि इस वर्ष मांग कोई समस्या नहीं है और हमें केवल आपूर्ति को पर्याप्त बनाए रखने की जरूरत है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करे

साथियो उन्होंने आगे बताया कि थाई चावल के मुख्य बाजारों में इंडोनेशिया तथा फिलीपीन्स शामिल हैं। एक अन्य कारोबारी ने कहा कि आगामी जून तथा जुलाई महीनों में बाजार को ऑफ सीजन के दौरान और आपूर्ति होने की उम्मीद है। शीर्ष निर्यातक, भारत, के 5 प्रतिशत टुकड़ा पारबॉयलड चावल की निर्यात कीमत तेज होती हुई 531-539 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई। एक सप्ताह पूत्र इसकी कीमत 528-536 डॉलर पर बनी हुई थी। एक कारोबारी ने कहा कि अफ्रीकी देशों की मांग में थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन अभी भी यह सामान्य से नीची ही बनी हई है। वियतनाम का 5 प्रतिशत टुकड़ा चावल 585 डॉलर प्रति टन पर बोला गया। एक सप्ताह पूर्व इसकी कीमत 577-580 डॉलर के बीच बोली जा रही थी। हां छि मिन्ह सिटी स्थित एक कारोबारी ने कहा कि घरेलू आपूर्ति सामान्य की अपेक्षा तंग हो रही है क्योंकि मेकांग डेल्टा में फसल की कटाई समाप्त हो गई है। 5500 रुपये में अपनी सरसों को बेचने के लिए लिंक पर क्लिक करे

साथियो उन्होंने आगे बताया कि यद्यपि कारोबारी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं क्योंकि शिपिंग की लागत अपेक्षाकृत रूप से ऊंची बनी हुई हैं तथा निर्यात कीमत भी तुलनात्मक रूप से ऊंची बनी हुई है। कृषि मंत्रालय के हवाले से सरकारी मीडिया ने कहा है कि वियतनाम का चावल उत्पादन 2 करोड़ टन होने का अनुमान है। इसमें से 73 लाख टन मात्रा का निर्यात किया जाएगा। दूसरी ओर, बंगलादेश के खाद्य मंत्री ने कहा है कि पिछले सीजन की तरह ही इस बार भी हमारे देश को चावल के आयात की जरूरत नहीं है। हालांकि अच्छी औसत उत्पादकता तथा अच्छे स्टॉक के बाद भी घरेलू बाजारों में चावल की कीमतों को नियंत्रण में बनाए रखने के लिए सरकार को संघर्ष करना पड़ रहा है। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे

👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट

👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव

👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें

About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।