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भारत के चावल निर्यात कीमतो में हुई और बढ़ोतरी | देखे पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

भारत के चावल निर्यात कीमतो में हुई और बढ़ोतरी | देखे पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

किसान साथियो एक सप्ताह पूर्व की तुलना में बीते सप्ताह भारत के पारबॉयल्ड चावल की निर्यात कीमत तेज होती हुई अपने नए रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। कारोबारियों और विश्लेषकों ने कहा कि आपूर्ति सीमित बनी होने तथा मांग में थोड़ा सुधार होने के कारण निर्यात कीमत में नवीनतम तजी आई है। दूसरी ओर, स्टॉक में वृद्धि होने की वजह से वियतनाम के चावल की निर्यात कीमत और मंदी हो गई । WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

साथियो आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत के 5 प्रतिशत टुकड़ा पारबॉयल्ड चावल की निर्यात कीमत रिकॉर्ड 546-554 डॉलर प्रति टन पर बोली गई । एक सप्ताह पूर्व इसकी कीमत 542-550 डॉलर थी । कारोबारियों और विश्लेषकों ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व की तुलना में समीक्षागत सप्ताह के दौराान मांग अच्छी रही । खरीददार ऊंची कीमतों की गिरफ्त में बने हुए हैं लेकिन उनके पास अब अधिक विकल्प भी नहीं बचे हैं। एक अन्य कारोबारी ने कहा कि अन्य प्रमुख निर्यातक देशों की तुलना में भारतीय चावल की निर्यात कीमत अभी भी सस्ती बनी हुई है। वियतनाम का 5 प्रतिशत टुकड़ा चावल 625-630 डॉलर प्रति टन पर बोला जाने लगा । बीते सप्ताह इसकी कीमत 637-640 डॉलर पर बनी हुई थी। हो छि मिन्ह सिटी स्थित एक कारोबारी ने कहा कि शारदीय-बासंती फसल की कटाई के कारण आपूर्ति बढ़ती जा रही है। यह वर्ष वर्ष की सबसे बड़ी फसल मानी जाती है।

साथियो कुछ अन्य कारोबारियों ने कहा कि घरेलू कीमतों में और मंदी आनो की उम्मीद में उन्होंने किसानों से धान की अपनी खरीद की गति को कम कर दिया है। थाईलैंड का 5 प्रतिशत टुकड़ा चावल की कीमत 615 डॉलर प्रति टन हो गई। एक सप्ताह पूर्व इसकी कीमत 610 डॉलर प्रति टन पर बोली जा रही थी । कारोबारियों का कहना है कि चावल की निर्यात कीमत में नवीनतम तेजी मुख्यतः स्थानीय मुद्रा की विनिमय दर में हुए उतार-चढ़ाव का परिणाम है। दूसरी ओर, मांग कमजोर बनी हुई है क्योंकि कोई उल्लेखनीय सौदा नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले महीने से बाजार में नई फसल की उल्लेखनीय आपूर्ति भी होने की उम्मीद की जा रही है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि आगामी जून महीने में समाप्त होने वाले वर्तमान सीजन के दौरान बंगलादेश द्वारा 5 लाख टन का आयात किया जा सकता है ताकि घरेलू बाजारों में इस प्रमुख खाद्यान्न की कीमतों को नियंत्रण में लाया जा सके । चालू महीने के आरंभ में सरकार ने चाल के आयात पर लगने वाली ड्यूटी को 63 प्रतिशत के स्तर से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। बाकी व्यापार अपने विवेक से करे

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।