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बासमती के किसानों के लिए राहत भरी खबर | MEP पर सरकार बदल सकती है अपना फैसला

बासमती के किसानों के लिए राहत भरी खबर | MEP पर सरकार बदल सकती है अपना फैसला

किसान साथियों बासमती चावल के निर्यातकों और धान के किसानों के लिए आखिरकार एक राहत भरी खबर आ रही है। सरकार और बासमती चावल के निर्यातकों के बीच चल रही खिचा तानी जल्द ही खत्म हो सकती है। सोमवार को ज्वाइंट सेक्रेटरी की बासमती निर्यातकों के साथ हुई मीटिंग के बाद सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह एक्सपोर्टर्स के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अंतर-मंत्रालय की मीटिंग के बाद प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल जाए। AIREA और APEDA के चेयरमैन ने निर्यातकों के साथ में इस अपडेट को साझा किया है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

जी बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ समय से अंतर मंत्रालय की मीटिंग नहीं हो पा रही थी जिसके कारण यह निर्णय लेने में मुश्किल हो रही थी कि बासमती के MEP को लेकर क्या फैसला लिया जाए। इसलिए सरकार ने पिछले निर्णय को ही आगे बढ़ा दिया जिसमें 1200 डॉलर की लिमिट लगायी गयी थी। इस फैसले के तुरंत बाद बासमती के बाजार में कोहराम मच गया और हरियाणा समेत 7 अन्य राज्यों में मिलर्स ने बासमती धान की खरीद को बंद कर दिया गया।

सरकार करेगी पुनर्विचार
राइस मिलर्स की हड़ताल के बाद अब सरकार ने बासमती चावल पर रिवाइज मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) जल्द जारी करने की बात कही है। खबर निकलकर सामने आ रही है कि सोमवार को एक्सपोर्टर्स और सरकार की बैठक पॉजिटिव रही है। सोमवार शाम को ज्वाइंट सेक्रेटरी कॉमर्स के साथ बैठक में आश्वासन दिया गया है कि सरकार रिवाइज एमईपी पर विचार कर रही है और इस पर जल्दी से जल्दी फैसला लिया जाएगा

क्या है पूरा माजरा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने घरेलू बाजार में चावल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए गैर-बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन बासमती चावल के नाम पर गैर-बासमती चावल का निर्यात होने की खबरें आ रही थी। इसलिए सरकार ने बासमती चावल पर 1,200 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य  (MEP) की लिमिट लगा दी थी। कुछ दिन पहले कैबिनेट मंत्री श्री पीयूष  गोयल ने सरकार की तरफ से यह आश्वासन दिया था कि न्यूनतम निर्यात मूल्य की सीमा को 1200 डॉलर से घटकर 850 डॉलर कर दिया जाएगा। लेकिन शुक्रवार के एक मीटिंग के बाद सरकार ने 1200 डॉलर की लिमिट को जारी रखा जिससे निर्यातक और मिलर्स नाराज हो गए और बासमती की खरीद बंद कर दी। खरीद बंद होने के कारण बासमती के भाव एक ही दिन में 400 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए। मंगलवार को राइस एक्सपोर्टर्स की बैठक में दोबारा खरीद शुरू करने पर चर्चा होगी। उम्मीद है कि सरकार द्वारा पुनर्विचार करने की खबर से बासमती किसानों को आज कुछ राहत मिलेगी।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।