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गैर बासमती चावल बाजार में क्या है रुझान -रिपोर्ट

गैर बासमती चावल बाजार में क्या है रुझान -रिपोर्ट
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साथियों वैश्विक चावल बाजार में उत्पादन और उपलब्धता दोनों में बढ़ोतरी के साफ संकेत मिल रहे हैं, जिससे आगे चलकर कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, हालांकि वियतनाम, इंडोनेशिया और श्रीलंका जैसे देशों में भारी बारिश, तूफान और बाढ़ ने बाजार को मजबूती जरूर दी है, लेकिन यह तेजी टिकाऊ नहीं लग रही। वहीं फिलीपींस द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक चावल आयात पर प्रतिबंध लगाए जाने से वियतनाम जैसे बड़े निर्यातकों के लिए नए खरीदार ढूंढना चुनौती बना हुआ है। भारत, थाईलैंड, पाकिस्तान और वियतनाम के बीच एशिया और अफ्रीका के बाजारों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है और इसी वजह से भारत का गैर-बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य थाईलैंड और वियतनाम से नीचे लेकिन पाकिस्तान से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जबकि पाकिस्तान का ऑफर मूल्य 340 डॉलर प्रति टन तक पहुंचकर सबसे प्रतिस्पर्धी स्थिति में है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से एक लाख टन चावल आयात का निर्णय लिया है, वहीं अफ्रीकी देशों में भारतीय चावल की उम्मीद के अनुसार मांग अभी दिखाई नहीं दे रही है। भारत में घरेलू मोर्चे पर उत्पादन साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है और 2024-25 में चावल का उत्पादन नए रिकॉर्ड 1254 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल के 1227.70 लाख टन से अधिक है। खरीफ सीजन में 441 लाख हेक्टेयर का सर्वकालीन अधिकतम क्षेत्रफल और मजबूत सरकारी खरीद ने घरेलू बाजार में उपलब्धता को और आसान बना दिया है। एफसीआई के पास अभी करीब 336 लाख टन चावल और 309 लाख टन धान (लगभग 210 लाख टन चावल के समतुल्य) का विशाल स्टॉक मौजूद है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे ऊँचा स्तर माना जा रहा है। हालांकि सोना मसूर और बीपीटी जैसे विशिष्ट ग्रेड वाली वैरायटियों में कमी की आशंका बताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने भी चावल के उत्पादन को 2025-26 में बढ़कर 543–544 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान दिया है, जबकि वैश्विक कारोबार 590 से बढ़कर लगभग 610 लाख टन होने की उम्मीद जताई है। सेनेगल में आयातकों के लाइसेंस की वैधता खत्म होने से भारत से वहां की शिपमेंट अस्थायी रूप से रुकी हुई है, लेकिन जैसे ही प्रक्रिया बहाल होगी, व्यापार फिर शुरू हो सकता है। कुल मिलाकर, दुनिया में बढ़ती उपलब्धता, ऊँचे स्टॉक, प्रतिस्पर्धी निर्यात मूल्य और कमजोर आयात मांग को देखते हुए चावल के वैश्विक बाजार में आई हालिया तेजी टिकने वाली नहीं दिख रही है और आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना ज्यादा नजर आ रही है। चावल की रेगुलर सर्विस के लिए 9729757540 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।