सरसों के बाजार की फिर से बदल गई हवा तेजी का संकेत
बाजार का मौजूदा परिदृश्य (Market Outlook) सरसों का बाजार इस समय 'हाई वोलैटिलिटी' (High Volatility) के एक बहुत बड़े फेज से गुजर रहा है। ऐसे में आपको हर अन्तराष्ट्रिय बदलाव के साथ अपनी स्ट्रेटेजी बदलनी होगी। सरसों के बाजार में एक तरफ जहां सीजनल आवक का दबाव धीरे-धीरे कम होकर अब ऑफ-सीजन की तरफ बढ़ने वाला है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें बाजार को नई हवा दे रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के कारण ग्लोबल मार्केट में भारी पैनिक है, जिसके असर से क्रूड ऑयल आज 8% की जोरदार तेजी के साथ कारोबार कर रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी भयंकर टेंशन बनी हुई है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट फीस देनी होगी, जबकि अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो जहाज फीस देंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी और उनका रास्ता रोका जाएगा। इस तनावपूर्ण परिस्थिति के कारण सुचारू रूप से खाद्य तेलों का आयात प्रभावित होता दिख रहा है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर खाद्य तेल आयात करता है, और क्रूड महंगा होने तथा सप्लाई चेन बाधित होने से घरेलू बाजार में कीमतों का बढ़ना अब लाजमी है।
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अमेरिका ईरान सीजफायर के बाद पिछले हफ्ते बाजार में गिरावट हुई थी और बाजार 100-200 रुपये फिसल गए थे। इस समय जयपुर में सरसों के भाव ₹7200 के स्तर पर है, वहीं भरतपुर में इसका भाव ₹6700 दर्ज किया गया है। बड़े प्लांटों की बात करें तो सलोनी कोटा में सरसों का भाव ₹7900 है और गोयल कोटा ने इसे ₹7150 पर बरकरार रखा है। अन्य प्रमुख मंडियों में हरियाणा की चरखी दादरी में सरसों ₹6800 और राजस्थान की सुमेरपुर मंडी में ₹6965 के भाव पर कारोबार कर रही है। तेल बाजार में भी पिछले दिनों की सुस्ती के बाद अब तेजी की उम्मीद जगी है; जयपुर कच्ची घानी का भाव ₹1451 और एक्सपेलर ₹1428 के स्तर पर बना हुआ है। सरसों खल की स्थिति देखें तो जयपुर में यह ₹2820 और भरतपुर में ₹2925 के भाव पर देखी गई है। मलेशिया में आज पाम तेल 1% की तेजी के साथ खुला है। और मंडियों से मिली अब तक की अपडेट के अनुसार सरसो भी 50-100 तेज खुली है।
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आवक का अपडेट (All India Arrivals) वर्तमान में अखिल भारतीय स्तर पर सरसों की आवक लगभग 11 लाख बोरी (Bags) के आसपास चल रही है। यह आवक पिछले साल के इसी समय के मुकाबले ज्यादा है। जैसा कि हमने पहले भी चर्चा की थी, इसका मुख्य कारण पिछले दिनों मौसम का खराब रहना है। बेमौसम बारिश और खराब मौसम के चलते किसान अपनी फसल को समय से नहीं काट पाए थे, जिस वजह से वह लेट फसल अब मंडियों में भारी मात्रा में पहुंच रही है।
कैसा रहेगा आगे सरसों का बाजार
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में आए बदलाव को देखते हुए किसी बड़ी मंदी या 'क्रैश' की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में पिछले हफ्ते की गिरावट वास्तव में खरीदारी का एक बहुत ही शानदार अवसर बन गई है। माल लेकर छोटी अवधि में 200-300 के उछाल पर निकाल सकते हैं। लॉंग टर्म में बाजार अब एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (Consolidation) दिखा सकता है, इस नजरिए से ₹7100-7200 के करीब खरीदारी (Buy on Dips) करना और दिवाली के आसपास निकालना मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है। बाजार के नीचे आने की संभावना अभी कम दिख रही है इसलिए खरीद के लिए लंबा इंतजार करने का फायदा नहीं दिख रहा। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स ऊपरी स्तरों जयपुर के 7400-7500 के लेवल पर अपना मुनाफा बुक कर सकते हैं। कुल मिलाकर बाजार का आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) पोजीशन बनाने का समय है।
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।
