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स्टॉक घटा, काबुली चने में फिर जान

mandibhavtoday
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दोस्तों काबुली चने के बाजार में पिछले कुछ दिनों से हलचल फिर से बढ़ती दिखाई दे रही है। कुछ दिन पहले तक बाजार में कारोबार लगभग सुस्त था, लेकिन अब धीरे-धीरे मजबूती देखने को मिल रही है, क्योंकीं इस बार जितनी फसल का अनुमान लगाया गया था, वास्तविक उत्पादन उससे कम रहने की संभावना है। काबुली चने की बिजाई इस सीजन में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में हुई थी, लेकिन उस समय पड़े प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को काफी नुकसान हुआ और कई इलाकों में जर्मिनेशन भी कमजोर रहा। कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुश्किल से लगभग 60 प्रतिशत खेतों में ही फसल ठीक से तैयार हो पाई, यही कारण है कि मार्च का दूसरा पखवाड़ा आने के बावजूद मंडियों में माल का दबाव अभी तक दिखाई नहीं दे रहा। पिछले साल काबुली चने का उत्पादन करीब 31 लाख मीट्रिक टन हुआ था, जबकि इस बार उत्पादन केवल 18 से 20 लाख मीट्रिक टन के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्टॉक की बात करें तो पिछले साल नया-पुराना मिलाकर कुल उपलब्धता करीब 36 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि इस बार यह घटकर लगभग 26 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। बाजार में यह भी चर्चा है कि अच्छी क्वालिटी का काफी माल पहले ही निकल चुका है।
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शुरुआती सीजन में काबुली चना करीब ₹71-72 प्रति किलो के आसपास बिका था, जो बाद में गिरकर ₹57-58 प्रति किलो तक आ गया, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों में मांग सुधरने से भाव फिर ₹58-59 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं और बढ़िया महाराष्ट्र का बिना छना माल ₹60 प्रति किलो तक बिकता देखा गया। महाराष्ट्र में भी इस बार फसल देर से बोई गई और उत्पादन अपेक्षाकृत कम आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी काबुली चने के भाव ऊंचे हैं, जिससे भारतीय माल को निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। हालांकि मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल तनाव के कारण कुछ कंटेनरों की शिपमेंट अटक गई है और शिपिंग लाइनों द्वारा अतिरिक्त चार्ज भी मांगे जा रहे हैं, जिससे निर्यातकों को दबाव झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद वहां मांग बनी हुई है और कुछ बाजारों में कीमतें 10-15 डॉलर प्रति क्विंटल तक बढ़ी बताई जा रही हैं। भारत से पिछले साल करीब 1.75 लाख टन काबुली चने का निर्यात हुआ था और इस साल कीमतें कम होने के कारण यह आंकड़ा 2 लाख टन से ऊपर जाने की उम्मीद जताई जा रही है। मेक्सिको का भाव लगभग 1320 डॉलर के आसपास बताया गया जबकि भारत का सौदा करीब 1040-1060 डॉलर प्रति टन के स्तर पर हुआ है। मंडी मार्केट मीडिया का मानना है कि यदि बाजार यहां से ज्यादा नहीं टूटता तो घरेलू मांग भी निकल सकती है और स्टॉकिस्ट भी खरीदारी में आ सकते हैं। फिलहाल 44-46 काउंट काबुली चने का भाव करीब ₹8900 प्रति क्विंटल बताया जा रहा है और अनुमान है कि आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) जबकि निर्यात में तेजी आने पर ऊपर में ₹100 प्रति किलो जाने की संभावना भी जताई जा रही है। व्यापार अपने विवेक से करें। काबुली चने की रेगुलर सर्विस के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।