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मक्का में साइलेंट तेजी, ट्रेडर धीरे-धीरे एक्टिव

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साथियों मक्का बाजार इस समय धीरे-धीरे एक मजबूत रिकवरी फेज में नजर आ रहा है, जहां पिछले साल के भारी नुकसान के बाद अब व्यापारियों को राहत मिलने लगी है। बिहार में जो मक्का पूरे साल गोदामों में फंसा रहा और मई पीक सीजन में ₹2000 बिककर मुश्किल से ₹2250 तक गया था, वही माल जून 2025 के बाद एथेनॉल कंपनियों की कमजोर मांग के चलते गिरते-गिरते ₹1700 तक आ गया था, जिससे व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं, क्योंकि मक्का और चावल के बीच ₹500–600 प्रति क्विंटल का अंतर बन गया है, जिससे एथेनॉल कंपनियों, स्टार्च मिलों और पोल्ट्री सेक्टर की खरीद अचानक बढ़ गई है। इसी सपोर्ट से बिहार में मक्का के गोदाम भाव ₹400 बढ़कर ₹2150 तक पहुंच गए हैं, जबकि मंडियों में करीब ₹2000 के स्तर देखने को मिल रहे हैं। सोमवार को मंडियों में भावों की बात करें तो गुलाब बाग मंडी में ₹2100, विजयवाड़ा में 1640, जयपुर में 1880, छिंदवाड़ा में 1860, तिरुपति स्टार्च प्लांट इंदौर पर 1885, सांगली में 2000 और राजकोट में 2125 रुपए प्रति क्विंटल रहे। बिहार के साथ-साथ मध्य प्रदेश की मक्का भी लगभग खत्म हो चुकी है और वहां एक्स-गोदाम भाव फरवरी में ₹1700 से उछलकर ₹2000 तक आ गए हैं, आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) जिससे सप्लाई साइड टाइट हो गई है। नई मक्का भी धीरे-धीरे मंडियों में आने लगी है, लेकिन उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम बताया जा रहा है, क्योंकि इस बार किसानों ने बुवाई भी कम की है, जिससे शॉर्ट-टर्म में सप्लाई की कमी साफ दिख रही है और बाजार में ₹100 प्रति क्विंटल की और तेजी की संभावना बन रही है। पिछले साल बिहार का उत्पादन करीब 75 लाख मीट्रिक टन था, जो इस बार घटकर केवल 58–60 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जबकि रबी और खरीफ मिलाकर कुल उत्पादन 138–139 लाख मीट्रिक टन के आसपास रहा था, ऐसे में घटते उत्पादन के कारण बाजार में मंदी की गुंजाइश कम दिखती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सपोर्ट मिल रहा है, जहां अमेरिका में 2026 के लिए मक्का की बुवाई का अनुमान 9.52 करोड़ एकड़ लगाया गया है, जो जनवरी के 9.50 करोड़ एकड़ से थोड़ा ज्यादा है लेकिन 2025 के 9.88 करोड़ एकड़ से कम है, यानी ग्लोबल सप्लाई भी बहुत ज्यादा बढ़ने की स्थिति में नहीं है। इसके अलावा मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनैतिक तनाव और फ्यूल व फर्टिलाइजर की बढ़ती लागत भी कीमतों को सपोर्ट दे रही है। ऑल ओवर देखा जाए तो आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) का बैलेंस तेजी के पक्ष में जाता दिख रहा है, जहां स्टॉक कम, नई फसल में देरी और इंडस्ट्री की मजबूत मांग मिलकर बाजार को सहारा दे रही है। लेकिन लॉंग टर्म में नई फसल का दबाव बड़ी तेजी को रोकेगा इसलिए उछाल पर माल निकालना बेहतर लग रहा है।व्यापार अपने विवेक से करें। मक्का की रेगुलर सर्विस के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।