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जुलाई महीने में सरसों में कितनी तेजी आएगी | जाने सरसों की इस तेजी मंदी रिपोर्ट में

जुलाई महीने में सरसों में कितनी तेजी आएगी | जाने सरसों की इस तेजी मंदी रिपोर्ट में
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किसान साथियो सरसों के बाजार को बढ़ने के लिए जो जरूरी ट्रिगर चाहिए वह अभी तक नहीं मिला है। ना तो सरकार ने आयात ड्यूटी बढ़ाने पर कोई ध्यान दिया है और ना ही विदेशी बाजारों से कोई बढ़िया रूझान निकलकर सामने आ रहा है। पाम तेल के भाव लगातार दबाव में है मलेशिया में पाम तेल को 4000 का स्तर पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है । एक ही चीज है जो इस समय सरसों के फंडामेंटल को मजबूत कर रही है वह है सरसों की घटती हुई आवक। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल इसी हफ्ते में सरसों की आवक 5 लाख बोरी के आसपास चल रही थी जबकि इस साल यह घटकर 4 लाख 25 हजार बोरी पर आ गई है। अगर सरसों की आवक इसे ही लगातार घटती रही तो सरसों में अगली तेजी के लिए ग्राउण्ड तैयार हो जाएगा। बहरहाल सरसों के बाजार में कुछ अन्य ऐसी खबरें भी हैं जो आपको इस समय जान लेनी चाहिए। खास तौर पर तब यह और जरूरी हो जाता है जब आपने सरसों को रोका हुआ है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करे

ताजा मार्केट अपडेट
मंगलवार के बाजार की बात करें तो बाजार में मामूली उतार चढाव के बाद स्थिरता का ही माहौल देखने को मिला। तेल मिलों की सीमित मांग बनी रहने के कारण घरेलू बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सरसों की कीमतें स्थिर बनी रही। जयपुर में कंडीशन की सरसों के दाम 6,075 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर बने रहे। हालांकि भरतपुर में बाजार कमजोर हुआ और भाव और भाव 5751 से फिसल कर 5720 पर आ गए। दिल्ली लॉरेंस रोड़ पर सरसों के रेट 5975 के रहे। च दादरी में कंडीशन सरसों के भाव 5950 के रहे। इसके अलावा 5767, खेरली में 5800, रेवाड़ी में 5800, टोंक में 5680, निवाई में 5700 और गंगापुर में 5775 का भाव देखने को मिला है। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक घटकर 4.25 लाख बोरियों की ही हुई।

प्लांटों पर क्या रहे भाव
किसान साथियो सरसो तेल प्लांटों में मंगलवार को सरसों के भाव में बढ़ोतरी हुई है कल सलोनी प्लांट में भाव 25 रुपए तेज देखने को मिला है । सलोनी प्लांट पर टॉप भाव 6500 रुपए प्रति क्विंटल का मिला। और प्लांटों की बात करें तो सिर्फ आगरा बीपी प्लांट में 25 रुपए की तेजी देखने को मिली है अन्य प्लांटों में भाव स्थिर रहा | आगरा बीपी में सरसो का भाव 6400 और शारदा प्लांट पर सरसों का रेट 6350 अदानी बूंदी प्लांट पर 6075 अदानी अलवर प्लांट पर 6075 और गोयल कोटा प्लांट पर सरसों का अंतिम भाव 5850 रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है।

हाजिर मंडियों के ताजा रेट
हाजिर मंडियों के ताजा भाव की बात करें तो राजस्थान की श्री विजयनगर मंडी में सरसों का रेट 5648 गोलूवाला मंडी में सरसों का भाव 5652 पीलीबंगा मंडी में सरसों का रेट 548 घडसाना मंडी में सरसों का भाव 5620 गंगानगर मंडी में सरसों का रेट 5796 अनूपगढ़ मंडी में सरसों का भाव 5686, संगरिया मंडी में सरसों का रेट 5551, बीकानेर में 5551, रावला में 5545 और नोहर मंडी में सरसों का भाव 5950 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा । हरियाणा की मंडियों की बात करें तो ऐलनाबाद मंडी में सरसों का रेट 5550, सिवानी मंडी में 5700, सिरसा में 5552 रेवाड़ी में 5800 और आदमपुर मंडी में सरसों का रेट 5649 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा ।

विदेशी बाजारों में क्या है माहौल
विदेशी बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आई। अमेरिका के शिकागो में भी सोया तेल के दाम भी कमजोर हुए हैं । मलेशियाई पाम ऑयल वायदा कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, तथा मंगलवार को इसके दाम एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। गिरावट का प्रमुख कारण आयातकों की कमजोर मांग के साथ ही बढ़ते स्टॉक और सोया तेल के साथ कीमतों में अंतर कम होना है। बुर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, BMD पर सितंबर डिलीवरी के पाम तेल वायदा अनुबंध में 41 रिगिंट यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट आकर भाव 3,856 रिंगिट प्रति टन रह गए। आज भी मलेशिया का बाजार कमजोरी के साथ ही खुला है। व्यापारियों के अनुसार विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। 5850 रुपये में अपनी सरसों को बेचने के लिए लिंक पर क्लिक करे

घरेलू बाजार अपडेट
घरेलू बाजार में भी सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतें स्थिर हो गई, जबकि इस दौरान सरसों खल की कीमतों में हल्की नरमी आई। जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतें मंगलवार को स्थिर हो गई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 1,165 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी इस दौरान 1,155 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए। जयपुर में मंगलवार को सरसों खल के भाव पांच रुपये नरम होकर दाम 2,665 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

सरसों की आवक में कमी
उत्पादक मंडियों में सरसों को दैनिक आवकों में कमी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में सरसों का बकाया स्टॉक तो मौजूद है लेकिन व्यापारी एवं किसान दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते। हालांकि गर्मी ज्यादा होने के कारण सरसों तेल की घरेलू मांग पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों के दाम पर ही निर्भर करेगी। देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक घटकर 4.25 लाख बोरियों की ही हुई, जबकि इसके पिछले कारोबारी दिवस में आवक 4.50 लाख बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में सरसों की 2.60 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 35 हजार बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 40 हजार बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 20 हजार बोरी तथा गुजरात में 15 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 55 हजार बोरियों की आवक हुई।

सरसों में तेजी बढ़ने के कितने चांस
किसान साथियो इस समय सरसों का बाजार विदेशी बाजारों में चल रही कमजोरी के कारण दबा हुआ है। लेकिन अच्छी बात यह है कि सरसों के भाव में निचले स्तर पर खरीद लौट रही है और 6000 के आसपास सरसों में अच्छा सपोर्ट देखने को मिल रहा है। यहां से आगे की तरफ देखा जाए तो सरसों के बाजार में तब तक कोई बड़ी मन्दी नहीं आएगी जब तक विदेशी बाजार एकदम से क्रैश ना हों। एक बार के लिए मंदी को सोंचे भी तो विदेशी बाजारों में बड़ी मंदी के अलावा ऐसा कोई भी कारक नहीं है जो सरसों के बाजार को कमजोर कर सके। विदेशी बाजारों में भी खाद्य तेल के भाव ने अब अपना बॉटम लगभग लगभग बना लिया है। और बाजार यहां से ज्यादा नीचे फिसलते दिखाई नहीं दे रहे। देश भर में मानसूनी बारिश अब होने लगी है। इस मौसम में धीरे-धीरे सरसों तेल की अच्छी खासी डिमांड निकालनी शुरू हो जाएगी और यह सरसों के भाव को सपोर्ट कर सकती है। सरसों की आवक भी लगातार घट ही रही है अब यह 4 लाख बोरी के आसपास आ गई है । सरसों की आवक का लगातार कम रहना सरसों में तेजी की ओर इशारा कर रहा है। हो सकता है कि 15 जुलाई तक सरसों में कोई बड़ी तेजी देखने को ना मिले लेकिन अंदर की आवाज यही है कि अब बाजार में मंदा नहीं है।

जहां तक सरकार द्वारा खुले बाजार में सरसों बिक्री करने का सवाल है तो मंडी भाव टुडे को लगता है कि अब सरकार बाकी सरसों को दिवाली के आसपास बेचना चाहेगी। मंडी भाव टुडे का मानना है कि आने वाले 1 महीने में सरसों में जयपुर का भाव 6500 और भरतपुर का भाव 6000 का स्तर दिखा सकता है। लेकिन ऐसा होने के लिए यह जरूरी है कि विदेशी बाजारों में कोई बहुत बड़ी गिरावट ना हो। मंडी भाव टुडे का निवेदन है कि किसान साथी सरसों के भाव को प्रतिदिन मॉनिटर करते रहे और अगर जयपुर में सरसों के भाव 6000 के नीचे जाते हैं तो माल निकालने के लिए तैयार रहना चाहिए जो किसान साथी माल को होल्ड करना चाहते हैं वह दिवाली तक 6500 के ऊपर के भाव की उम्मीद कर सकते हैं। व्यापार अपने विवेक से ही करें

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।