Movie prime

सरकारी नीति बदल सकती है मक्का की चाल

mandibhavtoday
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
साथियों बिहार के मक्का बाजार में इस समय भाव रेंज बाउंड चल रहे हैं, लेकिन नीचे से बाजार को हल्का support भी बना हुआ है, क्योंकि अभी की सप्लाई और मौजूदा मांग लगभग बराबरी पर चल रही है। खरीदारों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है, इसलिए बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आ रही, हालांकि पर्याप्त माल उपलब्ध होने से कीमतों में तेज उछाल भी फिलहाल नहीं दिख रहा। मंगलवार को गुलाबबाग मंडी में मक्का के भाव ₹2,075, जयपुर में 1880, दिल्ली में ₹2100, राजकोट में ₹2081, तिरुपति स्टार्च प्लांट इंदौर पर 1885, छिंदवाड़ा में 1850 और सांगली में 1980 रुपए प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। बिहार के कई इलाकों में बादल, नमी और कहीं-कहीं फसल नुकसान की खबरों ने तुरंत सप्लाई बढ़ने की उम्मीद को सीमित कर दिया है। इसी वजह से बाजार में बड़े पैमाने पर आवक मध्य अप्रैल से पहले आने की संभावना कम मानी जा रही है। महाराष्ट्र के अमलनेर में नई फसल की आवक लगभग 200 टन बताई गई, जहां भाव ₹1,500 प्रति क्विंटल रहे। वहीं उत्तर महाराष्ट्र में मक्का का उत्पादन पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत कम रह सकता है, जो आगे चलकर सप्लाई साइड को थोड़ा टाइट कर सकता है। आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343)

दूसरी तरफ मुंबई के निर्यातक भी लगभग ₹1,950 प्रति क्विंटल के स्तर पर खरीदारी रुचि बनाए हुए हैं, जिससे बाजार को बाहरी मांग का सहारा मिल रहा है। कुछ समय पहले खरीदारों ने आगे की डिलीवरी के लिए अपने रेट ₹1,850 से बढ़ाकर ₹1,950 प्रति क्विंटल तक किए थे, लेकिन मौसम और सप्लाई की अनिश्चितता के बीच अब कई खरीदारों ने forward offers वापस खींच लिए हैं। इसका मतलब यह है कि बाजार में अभी भरोसा पूरी तरह टूटा नहीं है, लेकिन अगर मौसम साफ होता है और असम तथा पश्चिम बंगाल में कटाई रफ्तार पकड़ती है, तो अगले हफ्ते बाजार पर थोड़ा दबाव बन सकता है। लंबी अवधि की बात करें तो सरकार की नीति भी मक्का बाजार की दिशा बदल सकती है। खाद्य मंत्रालय ने Public Distribution System में टूटे चावल की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। अगर ऐसा होता है तो करीब 90 लाख टन टूटे चावल खुले बाजार में आ सकते हैं। व्यापारिक सूत्र मानते हैं कि यह अतिरिक्त माल ethanol producers और animal feed manufacturers को नीलामी के जरिए दिया जा सकता है, जिससे इन सेक्टरों में मक्का को प्रतिस्पर्धा मिल सकती है। सरकार ने डिस्टिलरी यूनिट्स को यह भी प्रोत्साहित किया है कि वे FCI के पास मौजूद पुराने स्टॉक को 30 जून तक की रियायती अवधि खत्म होने से पहले उठा लें। अभी के लिए मक्का की मांग बनी हुई है और grain-based ethanol में आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) marketing season में टूटे चावल की बढ़ी उपलब्धता मक्का की मांग पर दबाव डाल सकती है। व्यापार अपने विवेक से करें। मक्का की रेगुलर सर्विस के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

👉व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े

👉 चावल के रियल टाइम में भाव और चावल व्यापार के लिए एप डाउनलोड करें

👉 सिर्फ सर्विस लेने वाले ही *WhatsApp करें –* 9306639343*

👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट

👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव

👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें

About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।