खाद्य तेलों के आयात में 9% से ज्यादा की गिरावट
भारत के खाद्य तेल बाजार में मार्च महीने के दौरान आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जहां पाम ऑयल इंपोर्ट करीब 19% घटकर 6,89,462 टन पर आ गया, जो दिसंबर 2025 के बाद सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आई तेजी के कारण देखने को मिली, खासकर क्रूड ऑयल और वेजिटेबल ऑयल कॉम्प्लेक्स में मजबूती के चलते भारतीय रिफाइनर्स ने खरीद को फिलहाल टालना बेहतर समझा। Solvent Extractors' Association of India के अनुसार फरवरी में पाम ऑयल आयात 8,47,689 टन था, जिससे साफ है कि एक महीने में ही मांग में बड़ा ठहराव आया है। वहीं सोया ऑयल आयात भी करीब 4% घटकर 2,87,220 टन पर आ गया, जबकि सनफ्लावर ऑयल में उल्टा रुझान देखने को मिला और यह करीब 35% बढ़कर 1,96,486 टन पहुंच गया, जो संकेत देता है कि खरीदारों ने सस्ती उपलब्धता के चलते विकल्प बदलना शुरू किया है।
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कुल मिलाकर भारत का कुल खाद्य तेल आयात मार्च में 9% से ज्यादा गिरकर 11.7 लाख टन पर आ गया, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम स्तर है। ट्रेड के अनुसार, भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम ऑयल आयात करता है, जबकि सोया और सनफ्लावर ऑयल अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से आता है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और घरेलू स्तर पर नई सरसों फसल की बढ़ती उपलब्धता ने इंपोर्ट पर दबाव बनाया है, जिससे शॉर्ट टर्म में घरेलू तेलबीज बाजार को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। खासतौर पर सरसों और अन्य ऑयलसीड्स के भाव को यह स्थिति मजबूती दे सकती है क्योंकि रिफाइनर्स फिलहाल घरेलू क्रशिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि यह ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहना मुश्किल दिखता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा गिरावट “डिमांड डिले” ज्यादा है, “डिमांड डेस्ट्रक्शन” नहीं। यानी खरीदार पूरी तरह बाजार से बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि कीमतों में संभावित करेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी आएगी, भारतीय रिफाइनर्स एक बार फिर से आक्रामक खरीद कर सकते हैं, जिससे इंपोर्ट में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, यदि आने वाले महीनों में स्टॉक लेवल और घटता है, तो भारत को मजबूरी में ऊंचे दाम पर भी इंपोर्ट करना पड़ सकता है, जिससे घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव बन सकता है। ऐसे में आगे की दिशा पूरी तरह तीन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी—अंतरराष्ट्रीय कीमतों की चाल, घरेलू फसल की उपलब्धता और रिफाइनर्स की खरीद रणनीति। “फिलहाल मार्केट वेट एंड वॉच मोड में है, स्टॉक धीरे-धीरे *Whatsapp पर डेली रिपोर्ट पाने के लिए * 9306639343* पर मैसेज करें* को मिल सकती है, जिससे बाजार में अचानक हलचल आ सकती है।” मात्र 999 में एक साल तक ताजा भाव और बाजार भविष्य रिपोर्ट के लिए 9306639343 पर मैसेज करें। व्यापार अपने विवेक से करें।
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।
