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बासमती का साइलेंट गेम, कब आएगी तेजी?

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दोस्तों इस समय भारत का बासमती चावल बाजार एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एक्सपोर्ट की रफ्तार धीमी पड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ कीमतें अभी भी मजबूती से टिकी हुई हैं। 1121 बासमती वैरायटी की बात करें तो इसका एफओबी प्राइस पिछले सप्ताह में करीब $44 बढ़कर लगभग $1040 प्रति टन तक पहुंच गया, यानी करीब 1.6% की तेजी देखने को मिली। वहीं घरेलू बाजार में हरियाणा और पंजाब में इसकी एक्स-मिल कीमतें ₹88,000 प्रति टन के आसपास बनी हुई हैं, जो फरवरी के अंत में बने ₹90,000 के पीक से करीब 2.2% नीचे जरूर हैं, लेकिन गिरावट बहुत ज्यादा नहीं है। वहीं 1509 वैरायटी ने तो और ज्यादा मजबूती दिखाई है, जिसके भाव बढ़कर ₹83,000 प्रति टन तक पहुंच गए, जबकि फरवरी के मध्य में यही रेंज ₹80,000 थी। मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल तनाव और उसमें अमेरिका की भागीदारी के चलते भारत के कुल बासमती निर्यात का लगभग 75% हिस्सा प्रभावित हुआ है, क्योंकि भारत अपने कुल एक्सपोर्ट का बड़ा भाग खाड़ी देशों को भेजता है। आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343)साल 2025 में कुल 6.06 मिलियन टन निर्यात में से करीब 4 मिलियन टन सिर्फ सऊदी अरब, ईरान और इराक को गया था, जबकि यूएई, कुवैत, यमन, यूके और अमेरिका भी प्रमुख खरीदार रहे। हालांकि अक्टूबर से फरवरी के बीच निर्यात 13% बढ़कर 3 मिलियन टन तक पहुंच गया था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। मुंद्रा और कांडला जैसे बड़े पोर्ट से कार्गो मूवमेंट धीमा पड़ गया है क्योंकि एक्सपोर्टर बढ़े हुए लॉजिस्टिक्स रिस्क और लागत का दोबारा आकलन कर रहे हैं। शिपिंग रेट में $300 से $400 प्रति टन तक की बढ़ोतरी हो चुकी है और कुछ रूट्स पर तो माल ढुलाई लागत लगभग 10 गुना तक बढ़ गई है। इसके बावजूद $1000+ प्रति टन वाले प्रीमियम बासमती में मार्जिन अभी भी मैनेज हो रहा है, लेकिन सस्ते पराबॉयल्ड और सफेद चावल, जो $400–$425 CIF पर ट्रेड करते हैं, उनमें दबाव साफ दिख रहा है। एक्सपोर्ट स्लो होने के बावजूद आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) बनाए हुए हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि जैसे ही खाड़ी में हालात सामान्य होंगे, डिमांड तेजी से वापस आएगी। कई ट्रेडर्स अभी भी धान खरीदकर स्टॉक बना रहे हैं और घबराकर माल बेचने से बच रहे हैं। पैकेजिंग और इन्वेंट्री कैरी कॉस्ट जरूर बढ़ी है, लेकिन मार्केट का सेंटिमेंट अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है और हालात सुधरने के बाद बासमती की कीमतों में ₹10,000 से ₹12,000 प्रति टन तक की तेजी आ सकती है। वहीं सप्लाई साइड भी बहुत भारी नहीं है, क्योंकि 2025-26 सीजन में पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में उत्पादन करीब 5% घटकर 40 मिलियन टन रह गया है। ऑल ओवर देखा जाए आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) होगा खाड़ी देशों से अचानक मांग बढ़ सकती है। व्यापार अपने विवेक से करें। चावल की रेगुलर सर्विस के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।