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साठी धान की आवक शुरू | नए धान के भाव क्या दे रहे इशारा | कैसे रहेगा बासमती का बाजार | जाने

साठी धान की आवक शुरू | नए धान के भाव क्या दे रहे इशारा | कैसे रहेगा बासमती का बाजार | जाने

बासमती तेजी मंदी रिपोर्ट 2024
किसान साथियो आज से 5-6 साल पीछे जाएं तो बासमती धान की खेती का एक सीज़न होता था। लगभग सभी उत्पादक क्षेत्रों में महीना 20 दिन के आगे पीछे बासमती की नर्सरी तैयार की जाती थी और इसी अन्तराल पर धान की रोपाई होती थी। एक साथ फ़सल तैयार होती थी और अक्टूबर से लेकर नवंबर दिसम्बर तक मंडियों में धान की आवक होती थी। धान के उत्पादन और भाव के ट्रेंड का अंदाजा लगाना थोड़ा आसान था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। साठी धान की वैरायटियां जून महीने में ही मंडियों में आने लगती हैं। जून से लेकर दिसंबर तक बासमती धान की आवक होती रहती है। बासमती के बड़े बड़े ज्योतिषी भी अंदाजा नहीं लगा पाते हैं कि उत्पादन कितना होगा और भाव किस तरफ चलेंगे । इन 5-6 सालों में मंडी भाव टुडे की टीम ने ग्राउंड पर काम किया है और आज हम इस स्थिति में हैं कि बाजार के रुख का थोड़ा बहुत अंदाजा लगा सके। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करे

दोस्तो हरियाणा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्यों में इस समय साठी 1509, 1692 और 1847 जैसी वैरायटियां आने लगी हैं। साठी धान के भाव जिस तरह से खुले हैं उसे देखते हुए बासमती के बाजार की दिशा दशा का थोड़ा बहुत अंदाजा लगाया जा सकता है। आज की रिपोर्ट में हम आपके सामने बासमती के बाजार की ताजा तस्वीर प्रस्तुत करेंगे।

ताजा मार्केट अपडेट
किसान साथियो जैसा कि हमने बताया साठी धान की आवक होने लगी हैं। मुख्य रूप से हरियाणा की करनाल, लाडवा, UK की गदरपुर मंडी, UP की डिबाई मंडी, जहांगीराबाद मंडी में अभी तक आवक देखने को मिली है। भाव की बात करें तो साठी 1509 धान का भाव इस समय 2750 के उपर कहीं नहीं है। लगभग लगभग यही हाल 1692 और 1847 का है। अगर तेजी मंदी के हिसाब से देखें तो पिछले साल के भाव से तुलना की जा सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जून के महीने में गंगोह मंडी में साठी 1509 के भाव 2900 करनाल मंडी में 2950 गढ़मुक्तेश्वर मंडी में 3000 बिलासपुर मंडी में 2950 और गदरपुर मंडी में 2900 की आसपास के भाव खुले थे। जबकि इस बार यह रेंज 2750 के आसपास बनी हुई है। कहने का मतलब यही है कि इस साल भाव पिछले साल के मुकाबले 200 रुपये कमजोर हैं। बात पुराने 1509 की करे तो धान के भाव 3400 के आसपास चल रहे हैं।

चावल के भाव में कितना अन्तर
किसान साथियों धान के भाव को पूरी तरह समझने के लिए चावल के भाव का अध्ययन करना अति आवश्यक है। अगर चावल के भाव को देखें तो जून 2023 में 1509 सेला चावल 6700 से 6950 के बीच दिख रहा था और इसमें साठी सेला और सेला चावल को शामिल किया गया है। जबकि इस समय एक्सपोर्ट क्वालिटी 1509 सेला चावल का भाव 6600 से 6850 के बीच है। चावल के भाव में सिर्फ 100 रुपये का अन्तर देखा जा सकता है। हालांकि नए माल के आम भाव दिल्ली में 6000-6100 ही बताये जा रहे हैं। अच्छी क्वालिटी के 1509 सेला चावल के भाव को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस समय जो 1509, 1692 और 1847 के भाव चल रहे हैं इससे नीचे जाने की संभावना कम है। गौरतलब है कि इस समय जो माल मंडियों में आ रहा है उसकी क्वालिटी इतनी अच्छी नहीं है और अच्छी क्वालिटी का माल आने पर भाव बढ़ भी सकते हैं।


अन्य किस्मों में क्या चल रहे हैं भाव
पिछले दिनों हुई धान की ज़बरदस्त पिटाई के बाद अब धान के भाव फिर से थोड़ा उपर उठने लगे हैं। नरेला मंडी में धान 1121 के भाव 4200 तक पिट गए थे अब वहां पर 4700 के आसपास की रेंज फिर से दिखने लगी है। हालांकि इस रेट में एक दो ढेरियां ही खरीदी जा रही है और आम भाव 4550 के आसपास चल रहा है। धान 1718 में इस समय रेंज 4100 से 4300 के बीच बनी हुई है। ताज और RH10 के भाव 2600 से 2800 के बीच हैं। बात PB1 धान की करें तो यहाँ भी पिछले दिनों हुई जबरदस्त पिटाई के बाद फिर से धान का बाजार उपर की तरफ़ चल पड़ा है। MP की उदयपुरा, पिपरिया मंडी और गाडरवाडा मंडी में PB1 के टॉप भाव 3500 के आसपास आ चुके हैं। 10 दिन पहले यहां 3200 के भाव भी नहीं मिल रहे थे। जिस तरह से बासमती की निचली किस्मों की पिटाई हुई है उसके बाद धान के भाव अब गैर बासमती धान के आसपास तक पहुंच गए हैं अब यहां से और गिरावट नहीं लगती। मंडी भाव टुडे का मानना है कि जिन किसानो के पास PB1 रखा हुआ है उन्हें 3500 के भाव में निकाल देना चाहिए।

आगे कैसा रहेगा बासमती का बाजार
किसान साथियों जहां तक 1121 और 1718 की बात है मंडियों में इस समय आवक समाप्त हो चुकी है। हालांकि 1509 धान की आवक शुरू हो गई है। 1121 और 1718 के चावल के भाव भी धीरे-धीरे अब सुधरने लगे हैं। कुछ दिन पहले इन दोनों किस्म को मंडियों में कोई पूछ नहीं रहा था लेकिन एक बार फिर से मिलों में माल की कमी होने लगी है जिसके बाद अब इनकी पूछ परख आने लगी है। राइस मिलर्स के गले में ऊंचे भाव का फंसा हुआ धान अब निकल चुका है। इसे देखते हुए धान के भाव या तो ठहरे रहेंगे या फिर 100-150 रुपए ऊपर नीचे जा सकते हैं। पिछले साल जैसे भाव आना इस समय मुमकिन नहीं लगता। व्यापार अपने विवेक से ही करें

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।