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आने वाले समय में बासमती के बाजार में क्या रह सकता है माहौल | धान बेचने का सबसे सही समय कब? जाने आज की तेजी मंदी रिपोर्ट में

आने वाले समय में बासमती के बाजार में क्या रह सकता है माहौल | धान बेचने का सबसे सही समय कब? जाने आज की तेजी मंदी रिपोर्ट में

किसान साथियो पिछले हफ्ते धान के भाव अपने टॉप के आसपास चल रहे थे। शुक्रवार शाम को अचानक हमारे एक जानकार आढ़ती के पास फोन आता है कि जितने सौदे अभी तक किए हैं ठीक है और अभी मत करना। इसका सीधा सा मतलब यही था कि धान के भाव में कमजोरी आ सकती है। हमने भी भागदौड़ की और पता लगाया कि भाव क्या हुआ है तो पता चला कि चावल के भाव 100 रुपये के आसपास टूट गए है। हमने सोचा कि यह तो कोई बहुत बड़ी बात नहीं है इतना उतार चढाव तो होता रहता है। लेकिन जब शनिवार सुबह की बोली में भाव को देखा तो धान के भाव 150 रुपये मंदे चल रहे थे। जानकर बड़ा आश्चर्य हुआ क्योंकि जब चावल के भाव 100 रुपये टूटे हैं तो धान के भाव 150 रुपये कैसे टूट सकते हैं। ढूंढने पर भी इसका जवाब नहीं मिलता। चूंकि अगले दिन धान कमजोर हुआ था इसलिए चावल को और कमजोर होना पड़ा। ठीक ऐसा ही हुआ और चावल के भाव 100 रुपये और टूट गए। यही चक्र चल रहा है। इस चक्र में फंसकर धान के भाव हरियाणा में 200 और पंजाब में 300 रुपये के आसपास तक टूट चुके हैं। जबकि कुल मिलाकर चावल के भाव 200 रुपये ही टूटे हैं। मंडी भाव टुडे ने परिस्थिति का विश्लेषण किया है और आज की रिपोर्ट में हम आपके सामने सही सही अपडेट रखना चाहते हैं ताकि आपको सही शै पता चले कि धान के भाव की आगे चलकर क्या दिशा दशा रहने वाली है। अगर आपने अभी तक धान को नहीं बेचा है तो ये रिपोर्ट आपकी अंत तक पढ़नी चाहिए। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

सोमवार को कैसा रहा बाजार
किसान साथियो शुक्रवार शाम से लेकर रविवार शाम तक बाजार काफी कमजोर दिखाई दे रहा था। लेकिन सोमवार को बाजार में ठहराव दिख रहा है। हालांकि तेजी नहीं दिखाई दी है लेकिन मिला जुला रुख जरूर दिखाई दिया है। कुछ मंडियां ऐसी भी रही जहां पर 1121 धान के भाव जो कि 4700 के आसपास तक फिसल गए थे सोमवार को बाजार फिर से 4800 के उपर निकलता दिखाई दिया है। हालांकि 1718 का बाजार उतना मजबूत अभी भी नहीं दिख रहा है। 1718 में सेला चावल के भाव गिरे हैं जिसके कारण यह कमजोरी दिखी है। बात 1509 और 1847 की करें तो यहाँ कोई खास कमजोरी देखने को नहीं मिली और इसके टॉप भाव अभी भी 4000 से 4100 के बीच बने हुए है। मुच्छल धान की बात करें तो DP1401 में टॉप रेट अभी भी 4925 के बने हुए हैं। हाफैड के द्वारा 1401 और PB1 में खरीद जारी है। PB1 के भाव में भी पिछले दो दिन से कमजोरी बनी है जो भाव 4800 के पार हो गए थे अब यहां 4600 के आसपास की रेंज दिख रही है। नयी किस्मों जैसे 1885 और 1886 में समान अनुपात में ही तेजी मंदी देखने को मिल रही है।

क्या रहा गिरावट का कारण
दोस्तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बासमती निर्यात का ज्यादातर काम बड़े प्लेयर जैसे KRBL, पतंजली, LT Foods जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा हैंडल किया जाता है। लेकिन आजकल बहुत सारी छोटी कम्पनियां भी बाजार मे आ गयी हैं जो इन बड़े खिलाडियों को चुनौती दे रही हैं। मंडी भाव टुडे को लगता है कि इन छोटे मिलर्स को मजा चखाने के लिए बड़े प्लेयरस द्वारा चावल के भाव को डाउन किया गया है। ताकि छोटे मिलर्स को नुकसान हो और वे कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएं। इसके अलावा तो ऐसा कोई भी कारण नजर नहीं आता कि चावल का भाव कमजोर हो। हम मानते हैं कि कई दिनों से कोई नए निर्यात ऑर्डर की अनुपस्थिति भी बाजार को दबा रही है। जैसे ही कोई नया निर्यात ऑर्डर निकलेगा बाजार में फिर से तेजी लौटेगी।

शाम को बाजार में दिखी मजबूती
मंडी भाव टुडे ने मंडियों में भ्रमण के दौरान पाया कि शाम के समय बाजार में आम दिनों से ज्यादा सक्रियता तेज हो रही है। हालांकि एक दो मंडियों के रूझान से पूरे बाजार का अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन फिर भी इस सक्रियता की मौजूदगी एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। अगर आज सुबह बाजार थोड़ा तेज खुलता है तो हो सकता है बाजार से मंदी का माहौल ही गायब हो जाए। बाजार में जो मंदी आयी है वह फंडामेंटल ना होकर केवल सेंटीमेंट को देखकर आयी है। और सेंटिमेंट बदलने में टाइम नहीं लगता है। मंडी भाव टुडे का मानना है कि बाजार में छाया मंदी का माहौल ज्यादा देर तक टिकने वाला नहीं है।

आज कैसा खुला है बाजार
दोस्तों अगर सुबह-सुबह 8 बजे आई अपडेट को देखें तो आज बाजार में कल के मुकाबले मामूली तेजी दिखाई दे रही है। टोहाना मंडी में शुरुआती बोली में हरियाणा की सरकारी एजेंसी हाफैड ने 1401 धान के भाव की बोली 4910 तक लगा दी है। 1692 कंबाइन धान 4000 रुपये तक बिक चुका है। सिरसा मंडी में PB1 धान 4525 तक बिक चुका है। ग्राहकी ठीक ठाक है। फ़िलहाल बाजार में आज मंदी के कोई संकेत नहीं हैं।


कब बेचें धान
किसान साथियो मंडी भाव टुडे ने सीज़न के टॉप भाव जब आए थे तब साफ़ साफ़ बता दिया था कि धान निकालने का सही समय आ गया है। अगर आप उस समय किसी कारणवश माल नहीं निकाल पाए तब कि डरने की कोई बात नहीं है। आप खुद ही सोचिए सरकारी एजेन्सी हाफैड भी धान खरीद रही है यह साफ़ संकेत है कि धान में नुकसान के चांस कम हैं। सरकारी एजेंसियों के पास बाजार की सबसे ज्यादा इंफॉर्मेशन रहती है। इसीलिए यह एजेन्सी बढ़ चढ़ कर खरीद कर रही है। डिमांड और सप्लाई के रूल को देखें तो भी बाजार में बहुत बड़ी मन्दी की संभावना ना के बराबर है। ऐसा इसलिये कहा जा रहा है क्योंकि आज नहीं तो कल बासमती निर्यात के नए ऑर्डर मिलने ही है। ऐसा भी हो सकता है कि नए ऑर्डर मिल गए हों और इस बात को भाव बढ़ने के डर से सार्वजनिक ना किया गया हो। नीचे की तरफ देखें तो यहां से आगे बहुत बड़ी गिरावट नजर नहीं आती। ज्यादा से ज्यादा 100 रुपये तक भाव और टूट सकते हैं। किसान साथियो टॉप भाव मिलने के लिए किस्मत का सहारा मिलना जरूरी है। अभी भी भाव इतने खराब नहीं है अगर आप और ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं तो इन भावों पर भी अपना माल निकाल सकते हैं। अगर आप भारी रिस्क लेना चाहते हैं तो हमारा यही मानना है कि आप मकर संक्रांति तक माल को होल्ड कर सकते हैं। दोस्तो हम आपको धान के बाजार की ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन व्यापार आपको अपने विवेक से ही करना है।

बासमती धान और चावल के ताजा भाव की जानकारी mandibhavtoday.net पर अपडेट कर दी गई है आप क्लिक करके देख सकते हैं।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।