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थाईलैंड चावल की निर्यात कीमते पहुंची तीन महीने के ऊंचे स्तर पर | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

थाईलैंड चावल की निर्यात कीमते पहुंची तीन महीने के ऊंचे स्तर पर | जाने पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में

किसान साथियो एक सप्ताह पूर्व की तुलना में बीते सप्ताह एशियाई कारोबार में थाईलैंड के चावल की निर्यात कीमत में तेजी आई। कारोबारियों और विश्लेषकों ने कहा कि आपूर्ति कमजोर रहने और मांग मजबूत बने रहने से थाई चावल की निर्यात कीमतें तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। दूसरी ओर, शीर्ष निर्यातक भारत के चावल की निर्यात कीमतें मांग नीरस रहने के कारण स्थिर बनी रहीं। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करे

आलोच्य सप्ताह के दौरान थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे चावल की कीमतों में तेजी जारी रही। समीक्षागत सप्ताह के अंत में इसकी कीमत बढ़कर 632 से 640 डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच गई, जबकि एक सप्ताह पूर्व इसकी कीमत 600 डॉलर प्रति टन थी। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया कि आपूर्ति में कमी के कारण चावल की निर्यात कीमतों में यह तेजी आई है। फिलहाल इंडोनेशिया और बाढ़ से प्रभावित ब्राजील की मजबूत मांग भी इसका एक प्रमुख कारण है।

गौरतलब है कि बाढ़ की वजह से दक्षिणी ब्राजील में कई लोगों की जानें गई हैं, पशु मारे गए हैं, और ढांचागत सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, अनाज निर्यात में बाधा आने से रियो ग्रांडे बंदरगाह भी प्रभावित हुआ है। एक अन्य व्यापारी ने बताया कि घरेलू मांग और कारोबारी गतिविधियां बनी हुई हैं, क्योंकि नई फसल आगामी जुलाई में आने की उम्मीद है। भारत का 5 प्रतिशत टूटे पारबॉयल्ड चावल की कीमत 531-539 डॉलर प्रति टन पर स्थिर बनी रही, जो एक सप्ताह पूर्व भी यही थी। एक व्यापारी ने कहा कि अन्य निर्यातक देशों की तुलना में भारतीय चावल की निर्यात कीमत अधिक प्रतिस्पर्धी है, लेकिन मांग अभी भी नहीं बढ़ रही है। 5825 रुपये में अपनी सरसों को बेचने के लिए लिंक पर क्लिक करे

इस दौरान, वियतनाम का 5 प्रतिशत टूटे चावल की कीमत 585-590 डॉलर प्रति टन पर रही, जो पिछले सप्ताह भी 585 डॉलर प्रति टन थी। हो ची मिन्ह सिटी स्थित एक व्यापारी ने बताया कि मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि घरेलू आपूर्ति कमजोर हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इंडोनेशिया की सरकारी खाद्य एजेंसी, बुलॉग, लगातार अधिक मात्रा में चावल खरीदने की इच्छुक है। व्यापारियों ने कहा कि जून महीने में ग्रीष्म-पतझड़ फसल की कटाई शुरू होने के बाद ही धान की घरेलू आपूर्ति में सुधार होगा।

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मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।