सरसों के तेल में बढ़ सकती है गिरावट | रिपोर्ट

 
किसान साथियो होली के बाद से ही सरसों की आवक में जबरदस्त बढ़ोतरी होने के की उम्मीद थी लेकिन अभी तक ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है शनिवार को सरसों की आवक साढ़े नौ लाख बोरी पर स्थिर रही। WhatsApp पर भाव पाने के लिए ग्रुप join करे
हालांकि सरसों तेल के भाव ही लगभग स्थिर ही रहे। लेकिन आने वाले दिनों में बढ़ती आवक का असर सरसों दाना और सरसों तेल के भाव पर दिख सकता है। शनिवार को जयपुर सरसों तेल एक्स्पैलर का भाव 1082 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा। साथियो चूंकि आज सोमवार है और उत्पादक राज्यों में मौसम साफ चल रहा है इसलिए आज से सरसों की आवक तेज होने के आसार दिख रहे हैं। शनिवार को जयपुर में कंडीशन सरसों के भाव 25 रुपये घटकर 5550 पर आ गए जबकि दिल्ली में इसका भाव 5450 का रहा। भरतपुर की मंडी आज खुलेगी तो भाव में गिरावट की ही उम्मीद है।
किसान साथियो आप की जानकारी के लिए बता दे कि हरियाणा सरकार ने सरसों की सरकारी खरीद की तारीख घटाकर 15 मार्च जरूर कर दी है लेकिन अभी तक सरसों की सरकारी खरीद को लेकर केंद्रीय एजेंसी और हरियाणा की हैफेड के द्वारा कोई सरसो की खरीद के लिए खास तैयारी नहीं की गई है ।
साथियो यदि सरकार 15 से 20 लाख टन सरसों खरीद कर ले तो सरसों के भाव को तत्काल थोड़ा सा सहारा मिल सकता है लेकिन साथियो इसका लम्बे समय तक लाभ नहीं होगा। साथियो घरेलू तेल के भाव विदेशी तेलों के आगे घुटने टेक चुके हैं। मीलों को पिराई में घाटा हो रहा है। इसलिए सरसों के तेल में इस सप्ताह तेजी बनने की उम्मीद कम है जबकि बाजार में गिरावट की संभावना ज्यादा है। सरसो का तेल 10 रुपये प्रति 10 किलो तक और नीचे आ सकता है सरसों उत्पादन का नया अनुमान जारी | जानिए कितना होगा सरसों उत्पादन
जयपुर में मोपा के सेमिनार में सरसों का उत्पादन 115 लाख टन तक होने की उम्मीद जतायी गयी है। यह 125 लाख के पिछले सरकारी अनुमान से कम है। आने वाले एक हफ्ते में सरसों के उत्पादन की तस्वीर और साफ़ हो जाएगी।
पिछले दो दिनों से विदेशी बाजारों में कमजोरी ही चल रही है। चीन के डालीयान में सोया तेल और पाम तेल में गिरावट बनी हुई है। यही गिरावट मलेशिया के पाम बाजार पर भी दबाव बना रही है हालांकि CBOT में सोया में मामूली मजबूती बनी हुई है। सरसों किसानों के लिए खुशखबरी | सरकार 15 मार्च से MSP पर शुरू करेगी खरीद
मौजूदा हालात को देखते हुए सरसों और सरसों तेल में फिलहाल खरीदी से बचना चाहिए। जहां तक मुंगफली का तेल की बात है इस में आपूर्ति घट रही है जिससे शनिवार को भाव एक जगह ठहर गया । ऐसी उम्मीद है कि बाजार में इस सप्ताह न ही अधिक गिरावट और न ही अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी । किसान साथियो सूरजमुखी तेल की जनवरी की आवक 4.62 लाख टन तक पहुंच चुकी है जबकि महीने की खपत मात्र 1.5 लाख टन की है। ऐसे में  इस तेल में भी गिरावट की संभावना अधिक दिखाई दे रही है। किसान साथियो आप की जानकारी के लिए बता दे की कपास की आवक बढ़ने और वनस्पति बनाने वाले की मांग कम होने के साथ साथ मिलर्स द्वारा बिकवाली बढ़ाए जाने से बिनोला के तेल में गिरावट हुई है। कड़ी मंडी में इसका भाव 960 रुपऐ प्रति दस किलो पर बंद हुआ है। साथियो इस सप्ताह खाद्य तेल में तेजी की उम्मीद नहीं है बल्कि बाजार कुछ घट सकता है। व्यापार अपने विवेक से करें