सरकारी एक्शन के बाद अब किस तरफ चलेगा गेहूं का बाजार | क्या कर रहे गेहूं व्यापारी | रिपोर्ट
किसान साथियो और व्यापारी भाइयो भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने खुले बाजार बिक्री योजना (OMSS) के तहत इस साल गेहूं की नीलामी समाप्त कर दी है। सरकार ने इस सप्ताह शुक्रवार को होने वाली साप्ताहिक नीलामी के लिए कोई नया टेंडर जारी नहीं किया है। 4 दिसंबर 2024 से शुरू हुई साप्ताहिक ई-नीलामी में, FCI ने कुल 3 मिलियन टन में से 2.97 मिलियन टन गेहूं बेचा है। जबकि 2023-24 में लगभग 10 मिलियन टन गेहूं बेचा गया था। बिक्री की शुरुआत में, हर हफ्ते 1 लाख टन गेहूं नीलामी के लिए पेश किया गया था। बाद में, पेश किए गए गेहूं की मात्रा बढ़ाकर 5 लाख टन कर दी गई। इस दौरान, एक प्रोसेसर के लिए खरीद सीमा भी 100 टन से बढ़ाकर 400 टन कर दी गई थी। जिससे बाजार एक डैम से डाउन हो गया था | ई-नीलामी के बिच सरकार ने कई अहम फैसले लिए जिससे गेहूं का भाव 2900 रूपये प्रति क्विंटल तक आ गया था लेकिन साप्ताहिक ई-नीलामी बंद कर देने से बाजार फिर से तेज हो गया और भाव फ़िलहाल दिल्ली मंडी में 3050 से 3100 के बिच बोले जा रहे है अब देखना यह है की भाव और बढ़ेगा या घटेगा आइये जानते है गेहूं की पल पल की जानकारी पाने के लिए ले हमरी प्रीमियम सर्विस केवल 500 रूपये में 6 महीनो तक लेने के लिए 9518288171 पर मैसेज या कॉल करे
5 मार्च को हुई नीलामी में कितने तक की बोली लगी है
5 मार्च को हुई आखरी नीलामी में, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम और हरियाणा में गेहूं के न्यूनतम बोली मूल्य में पिछले सप्ताह की तुलना में 10 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि देखी गई। इसके विपरीत, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में अधिकतम बोली मूल्य में 10 से 58 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गेहूं उत्पादक राज्यों में नीलामी की अधिकतम बोली 2,540 से 3,009 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रही, जिसमें मध्य प्रदेश में 2,540 रुपये और उत्तराखंड में 3,009 रुपये प्रति क्विंटल थी। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में सबसे ऊंची बोली 3,275 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। पंजाब और हरियाणा में उच्च मंडी कर और उपकर के कारण आटा मिलें अपनी अधिकांश अनाज की आवश्यकता राजस्थान और अन्य राज्यों से पूरी करती हैं। हरियाणा में, एक सप्ताह के भीतर अधिकतम बोली मूल्य में 570 रुपये प्रति क्विंटल की भारी गिरावट आई और गेहूं की अधिकतम बोली 2,880 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई। पंजाब में भी 50 रुपये की गिरावट आई और बोली 2,850 रुपये प्रति क्विंटल पर रही। बिहार में भी 15 रुपये प्रति क्विंटल की मामूली गिरावट दर्ज की गई और गेहूं की कीमत 2,953 रुपये प्रति क्विंटल रही।
सरकार के पास कितना था स्टॉक और कैसी थी मांग
बाजार में गेहूं की बढ़ती मांग के कारण कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गेहूं की साप्ताहिक ई-नीलामी की जिससे गेहूं का भाव डाउन भी हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं का भंडार सीमित था, जिसके कारण सरकार बड़ी मात्रा में बिक्री नहीं कर सकी। हालांकि, नीलामी के दौरान, गेहूं की कीमतों में प्रति क्विंटल 170 रुपये से अधिक की गिरावट आई। भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने गेहूं का औसत आरक्षित मूल्य 2,464 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था, लेकिन गेहूं 2,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचा गया। पहले दौर में औसत बिक्री मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अंतिम दौर में घटकर 2,712 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।
सरकार के लिए गेहूं खरीद की चुनौती
वर्तमान में गेहूं उत्पादक राज्यों में गेहूं की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चल रही हैं, जिससे सरकारी खरीद में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। निजी व्यापारी भी बाजार में सक्रिय हैं और वे अधिक मात्रा में गेहूं खरीद सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान द्वारा घोषित बोनस से गेहूं की सरकारी खरीद को बढ़ावा मिलेगा। इस वर्ष सरकार ने 31 मिलियन टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले वर्ष यह लक्ष्य 37.3 मिलियन टन था। पिछले साल लक्ष्य से कम, केवल 26.61 मिलियन टन गेहूं ही खरीदा जा सका था। 2021-22 में रिकॉर्ड 43.34 मिलियन टन की खरीद के बाद से, पिछले तीन वर्षों से सरकारी खरीद लक्ष्य से कम रही है।
आगे क्या रह सकता है बाजार में
साथियो लगातार दो दिनों से गेहूं के बाजार में तेजी देखने को मिल रही है इन दो दिनों में गेहूं का भाव दिल्ली मंडी में 200 रूपये तक बढ़ गया है और वापिस से 3100 रूपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है | 6 मार्च को जैसे ही बाजार के यह खबर फैली की FCI गेहूं की खरीद करने की तैयारियों मे जुट गया है और आगामी टेंडर नहीं होंगे वसे ही बाजार का रुख तेजी की तरफ हो गया और शाम तक भाव 100 रूपये तक तेज हो गया जिस कारण बिकवाल अपने गेहूं बेचने से पीछे हैट गए की भाव और बढ़ सकता है गेहूं की पल पल की जानकारी पाने के लिए ले हमरी प्रीमियम सर्विस केवल 500 रूपये में 6 महीनो तक लेने के लिए 9518288171 पर मैसेज या कॉल करे इस लिए वे थोड़ा और इंतजार करेंगे जब तक भाव बढ़ रहा है वह इंतजार करंगे जिससे उनको उनके गेहूं का अच्छा भाव मिल सके अभी मिलर्स अपने जरूरत अनुसार गेहूं खरीद रहे है क्योकि उनको पता है की आने वाले समय में गेहूं का भाव फिर से डाउन होने वाला है क्योकि गेहूं की सरकारी खरीद की तारीख नजदीक आती जा रही जिससे मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ जाएगी और भाव पर दबाव पड़ेगा और भाव डाउन हो सकता है | ये तेजी ज्यादा टिकाऊ नहीं है और आगे चल कर भाव में गिरावट देखने को मिल सकती है बाकि व्यापार अपने विवेक से करे
👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट
👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव
👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें
About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।