ग्वार के बाजार से क्या मिल रही है रिपोर्ट|
ग्वार का रेट काफी दिनों से सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। कल जोधपुर में ग्वार सीड डिलीवरी भाव 0.5% बढ़कर ₹5066 प्रति क्विंटल हो गया, जबकि ग्वार गम भाव ₹9600 पर स्थिर रहा। आवक की बात करें तो कल राजस्थान में आवक 800 क्विंटल से बढ़कर 1100 क्विंटल हुई, वहीं हरियाणा में 1250 क्विंटल से घटकर 1095 क्विंटल दर्ज हुई। रूझान को देखें तो ग्वार सीड की कीमत एक महीने में 2.5% घटी, तीन महीने में 0.5% घटी, छह महीने में 2.5% घटी और सालाना आधार पर 4.5% कम हुई। सिर्फ 600 रुपये में 6 महीने तक Whatsapp पर भाव और रिपोर्ट पाने के लिए 9729757540 पर मैसेज करे | बुवाई के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में ग्वार की बुवाई 23.93 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.7% कम है। इस स्थिति के बारे में हमने जुलाई में ही बता दिया था। गुजरात में बुवाई 0.74 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष से 8.81% कम है। राजस्थान में ग्वार की बुवाई 23.93 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.7% कम है। गुजरात में बुवाई 0.74 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष से 8.81% कम है। ग्वार स्प्लिट का निर्यात 11% बढ़ा और ग्वार गम का 3% बढ़ा। कुल मिलाकर 2.82 लाख टन निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष के 2.70 लाख टन से 4% अधिक है। घरेलू स्तर पर आवक मिश्रित रहीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात में बढ़ोतरी से मांग बनी हुई है। मानसून सामान्य से बेहतर होने और बुवाई क्षेत्र घटने के कारण सप्लाई सीमित रह सकती है। अनुमान है कि नयी ग्वार सीड की फ़सल आने तक ₹5000–5500 और ग्वार गम ₹9600–10300 की रेंज में हल्की मजबूती के साथ कारोबार कर सकते हैं।
👉व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े
👉 चावल के रियल टाइम में भाव और चावल व्यापार के लिए एप डाउनलोड करें
👉 सिर्फ सर्विस लेने वाले ही *WhatsApp करें – 9729757540*
👉 यहाँ देखें फसलों की तेजी मंदी रिपोर्ट
👉 यहाँ देखें आज के ताजा मंडी भाव
👉 बासमती के बाजार में क्या है हलचल यहाँ देखें
About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।