आज सरसों के क्या खुल सकते हैं भाव | मंदी रहेगी या तेजी | देखें सरसों की तेजी मंदी रिपोर्ट

 

सरसों की तेजी मंदी रिपोर्ट : किसान साथियो जैसा कि आप सबको पता है कि सरसों के भाव तसल्ली बख्श तरीके से MSP के नीचे आ  चुके हैं । पिछले कई दिनों से ऐसा माहौल बना हुआ था कि सरसों के भाव में तेजी कम और मंदी ज्यादा आ रही थी । एक दिन की 50 रुपये की तेजी अगले दिन 100 रुपये की गिरावट में तब्दील हो रही थी। लेकिन चालू सीज़न में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते सरसों में काफी नुकसान हुआ है। यही बड़ी वज़ह है कि सरसों में आयी इस मंदी पर ब्रेक लगा है। थोड़ी बहुत तेजी की उम्मीद बनने लगी ही थी कि अब विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों में आयी मंदी सरसों पर प्रेशर बना रहीं है। यही कारण है कि सोपा द्वारा खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क को 20% करने की मांग जोर पकड़ रही है। आज की रिपोर्ट में हम सरसों के बाजार में चल रहीं सभी खबरों का विश्लेषण करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि सरसों के भाव में आगे क्या संभावना बन रही है। WhatsApp पर भाव देखने के लिए हमारा ग्रुप जॉइन करें

पिछले एक हफ्ते के बाजार को देखें तो सरसों के बाजार में उठापटक का दौर जारी रहा। पूरे हफ्ते में सरसों में तेजी और मंदी दोनों ही रूझान बनते नजर आए। विदेशी बाजारों की कमजोरी और सरसों की बढ़ती आवक में भाव पर प्रेशर बनाया । लेकिन मौसम खराब रहने के कारण सरसों में हुए नुकसान की खबरों ने बाजार को गिरने नहीं दिया । गनीमत यह रही कि 12 लाख के उपर की आवक के बावजूद भी सरसों में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई।

मार्केट में क्या बन रही है पोजीशन
शनिवार को जब बाजार खुला तो जयपुर में कंडीशन सरसों के भाव ₹5675 चल रहे थे। 5700 रुपये तक बिकने के बाद शाम को सरसों में कमजोरी बनी और जयपुर में सरसों का रेट 50 रुपये गिरकर 5625 पर बंद हुआ। भरतपुर मंडी की बात करें तो भरतपुर में सरसों के भाव 5168 के आसपास चल रहे थे लेकिन शाम को इसमें तेजी बनी और शनिवार को मार्केट बंद होने के समय भाव 5220 पर आ गया। दिल्ली लॉरेंस रोड़ पर सरसों में 50 रुपये की गिरावट हुई और अंतिम भाव 5450 के रहे। किसान साथियों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह जो भाव बताए गए हैं यह 42% कंडीशन के भाव हैं। मंडियों में सरसों के आम भाव 4700 से लेकर 5300 रुपये प्रति क्विंटल तक ही चल रहे हैं। सरसों के ताजा भाव 27 मार्च 2023

इस हफ्ते कैसा रहेगा बाजार
किसान साथियो जिस तरह से बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने सरसों का नुकसान किया है उससे सरसों के कुल उत्पादन का आंकड़ा घट सकता है । उत्पादन में कमी की गुंजाइश को देखते हुए बाजार में भाव का सेंटीमेंट थोड़ा सा सुधरा है। एक अनुमान के अनुसार 20 से 25 लाख एकड़ में सरसों की फ़सल को नुकसान हुआ है। सरसों का भाव अब जिस स्तर पर चल रहा है, यहां से आगे निचले भाव पर व्यापारियों की खरीद निकल रही है जिसके कारण सरसों के भाव को सहारा मिल रहा है ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि यहां से आगे सरसों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। साथियों जैसा कि हमने बताया कि विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। मलेशिया के बाजार एक हफ्ते में 10% से भी ज्यादा टूट गए हैं । आने वाले हफ्ते में यदि विदेशी बाजारों में गिरावट रूकती है तो सरसों में थोड़ा बहुत सुधार देखने को मिल सकता है । अगर दूसरे पहलू को देखा जाए तो अगले दो-तीन दिन तक मौसम के साफ रहने की उम्मीद है ऐसे में सरसों की आवक बढ़ भी सकती है अगर ऐसा होता है तो सरसों के भाव पर प्रेशर भी दिख सकता है । मोटे तौर पर इस हफ्ते में सरसों के भाव 100 रुपये की तेजी मंदी की रेंज में रह सकते हैं। अगर सरसों के भाव यहां से ज्यादा नीचे जाते हैं तो सरसों में खरीद की पोजीशन बनाई जा सकती है। आने वाले हफ्ते में सरसों के उत्पादन के सही आंकड़े उपलब्ध हो जाएंगे जिसके बाद सरसों की सही दिशा दशा का सही सही अंदाजा लगाया जा सकेगा। व्यापार अपने विवेक से ही करें। फसल पर मौसम का कहर | देखे कहा हुआ जयादा नुक्सान