MSP के आसपास टिके भाव, आवक बढ़ी तो गेहूं में दबाव संभव

 

गुरुवार को गेहूं के बाजार में हल्की ठंडक देखने को मिली और भाव लगभग ₹35 तक नीचे फिसलते नजर आए। आज भी बाजार उन्ही स्तरों पर खुले हैं। नई फसल की आवक मंडियों में धीरे-धीरे दस्तक देने लगी है और उसका थोड़ा असर बाजार पर दिख भी रहा है, लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं हैं कि बाजार में बड़ी गिरावट आ जाए। फिलहाल मांग और सप्लाई का तराजू लगभग बराबरी पर टिका हुआ है, इसलिए भाव ज्यादा उछल भी नहीं रहे और टूट भी नहीं रहे। बाजार अभी “न तेज दौड़ रहा है न घुटनों पर बैठा है” बल्कि संतुलन बनाकर चल रहा है।

उत्तर भारत के बाजारों पर नजर डालें तो दिल्ली में गेहूं करीब ₹2600 के भाव बने हुए हैं। कल  अलीपुर में ₹2620, ऐलनाबाद में लगभग ₹2411 के आसपास भाव बोला गया। वहीं उत्तर प्रदेश की मंडियों में भाव लगभग ₹2500–₹2520 प्रति क्विंटल के दायरे में सुनाई दिए। यूपी में अभी नई फसल की आवक बहुत तेज नहीं है, इसलिए वहां बाजार में ज्यादा दबाव भी नहीं बन पाया है। पश्चिम भारत की बात करें तो गुजरात की मंडियों में गेहूं के भाव थोड़ा सुधरते हुए ₹2150 से ₹2250 प्रति क्विंटल के आसपास बताए गए, जबकि कांडला पोर्ट पर लगभग ₹2300 के आसपास भाव स्थिर बने रहे। पूर्व और दक्षिण भारत के बाजारों में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। कोलकाता में गेहूं करीब ₹2620 के आसपास रहा, जबकि बेंगलुरु में बाजार लगभग ₹2700 प्रति क्विंटल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बेंगलुरु के लिए फॉरवर्ड रैक डिलीवरी के सौदे, जिनमें करीब 1.5% CD क्वालिटी मानी जाती है, उनका भाव भी लगभग ₹2700 प्रति क्विंटल बताया गया। आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343)

कई जगह किसानों का रुख भी दिलचस्प दिखाई दे रहा है। कई मंडियों में भाव सरकार के घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 के आसपास या उससे थोड़ा नीचे चल रहे हैं, इसलिए किसान अभी जल्दीबाजी में माल बेचने को तैयार नहीं हैं। किसान अभी “दाम देखकर ही बोरी खोलना चाहते हैं”। यही वजह है कि कुछ बाजारों में फिलहाल सप्लाई थोड़ी कसी हुई भी दिखाई दे रही है। लेकिन यह स्थिति कुछ दिन और बनी रह पाएगी क्योंकि जल्दी ही पंजाब हरियाणा से बम्पर आवक शुरू होने वाली है। निकट अवधि में बाजार को थोड़ा देखना पड़ सकता है। लेकिन बड़ी गिरावट का अंदेशा नहीं हैं क्योंकि इन राज्यों में ज्यादातर गेहूं सरकार MSP पर खरीद लेती है। 

मांग की तरफ से भी कुछ मिश्रित संकेत मिल रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर में LPG उपलब्धता को लेकर कुछ दिक्कतों की चर्चा है, जिसके कारण गेहूं आधारित उत्पादों की खपत पर थोड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि व्यापारी भी फिलहाल बहुत आक्रामक खरीद करने से बच रहे हैं।

कुल मिलाकर बाजार की स्थिति अभी “संभल-संभल कर चलने वाली” दिखाई दे रही है। एक तरफ MSP स्तर और किसानों की सीमित बिक्री भावों को ज्यादा नीचे नहीं जाने दे रही, वहीं दूसरी तरफ आने वाले हफ्तों में नई फसल की बढ़ती आवक बड़ी तेजी पर ब्रेक लगा सकती है। पुरानी कहावत है कि “नई फसल की हवा चलने लगे तो बाजार कदम तौल-तौल कर चलता है” और गेहूं के बाजार में फिलहाल आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) आ सकते हैं। व्यापार अपने विवेक से करें। मात्र 999 में एक साल तक गेहूं के ताजा भाव और बाजार की नियमित रिपोर्ट के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।