सरसों बाजार दो पाटों में, आगे क्या होगा?
साथियों सरसों बाजार की मौजूदा स्थिति को देखें तो इस समय बाजार की हालत हां-नां -- हां-नां वाली दिख रही है क्योंकि बाजार में सुबह दबाव और शाम को मजबूती का ट्रेंड नजर आ रहा है, जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तर पर बाजार में मजबूती तो नहीं है लेकिन बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ बल्कि नीचे के स्तर पर मजबूत खरीद बनी हुई है। मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां सुबह के सत्र में बढ़ती आवक के कारण किसानों की बिकवाली बढ़ी और बाजार पर दबाव दिखा, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मिलों की सक्रिय खरीद ने माहौल बदल दिया और शाम तक प्लांटों पर 100 से 200 रुपये की तेज उछाल देखने को मिली। गोयल कोटा के भाव सुबह करीब ₹6500 से उठकर शाम में ₹6750 तक पहुंच गए, वहीं सलोनी प्लांट ₹7275 से बढ़कर 7375 पर पहुंच गए, हालांकि ज्यादातर मंडियों मे मंडियों में कल गिरावट दर्ज हुई और जयपुर में भाव ₹6800, भरतपुर में ₹6300 और दिल्ली में 6500 प्रति क्विंटल के भाव देखे गए। कुल आवक लगभग 15 लाख के आसपास बनी हुई है, लेकिन नीचे के स्तर पर मांग अभी भी काफी मजबूत है, क्योंकि पुराना स्टॉक लगभग खत्म होने की स्थिति में है, जिसके कारण मिलों के बीच खरीद की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और यही बाजार को गिरने नहीं दे रही। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय फैक्टर भी इस समय बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, खासकर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं, जिससे आयातित सोया तेल और पाम तेल महंगे हो गए हैं और इसका सीधा फायदा सरसों को मिल रहा है। यही कारण है कि जैसे ही भाव नीचे आते हैं, तुरंत खरीद निकलती है और बाजार को सहारा मिल जाता है। सरसों तेल में कल ₹10 की गिरावट आई और जयपुर में कच्ची घानी 1380, भरतपुर में 1370 और दिल्ली में 1365 रुपए प्रति 10 किलो रहे। 20 मार्च के आसपास सरसों की आवक अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है और अगर आवक लगातार 15 लाख बोरी से ऊपर बनी रहती है तो बाजार में हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है, लेकिन अगर युद्ध का माहौल और गर्म होता है और क्रूड ऑयल के दाम और बढ़ते हैं तो यह गिरावट ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी और बाजार फिर से संभल सकता है। यानी इस समय बाजार दो बड़े फैक्टरों के बीच फंसा हुआ है—एक तरफ बढ़ती आवक का दबाव और दूसरी तरफ महंगे आयात और युद्ध से मिला सपोर्ट, और जो भी पक्ष भारी रहेगा बाजार उसी दिशा में मूव करेगा। ऐसे में ट्रेडिंग के लिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि सोच-समझकर और धीरे-धीरे खरीदारी की जाएं। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह माहौल स्थायी नहीं है, जैसे ही हालात सामान्य होंगे बाजार की तेजी भी कमजोर पड़ सकती है। फिलहाल ₹6500 का स्तर मजबूत स्टॉप लॉस मानकर ही आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि इसके नीचे जाने पर दबाव बढ़ सकता है। व्यापार अपने विवेक से करें। सरसों की रेगुलर सर्विस के लिए 9306439343 पर मैसेज करें।
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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।