यूरोप में चावल पर अलर्ट – नया नियम आने वाला?

 
साथियों यूरोपीय संघ (EU) ने बढ़ते चावल आयात को लेकर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि वहां के मिलर्स और किसानों को बढ़ते आयात से परेशानी हो रही है और इसी वजह से अब आयातित चावल पर सेफगार्ड ड्यूटी (सुरक्षा शुल्क) लगाने की मांग तेज हो गई है। हालात ऐसे बने हैं कि EU में चावल का कुल आयात लगभग 17 लाख टन (1.7 मिलियन टन) तक पहुंच गया है, जो पिछले समय के मुकाबले काफी ज्यादा माना जा रहा है, और इसमें बड़ा हिस्सा उन देशों से आ रहा है जिन्हें व्यापार समझौतों के तहत कम या जीरो ड्यूटी का फायदा मिलता है। जिसका कर भारत पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। यूरोप के मिलर्स का कहना है कि इस वजह से उनका घरेलू उत्पादन आर्थिक रूप से अनप्रॉफिटेबल (unviable) होता जा रहा है और लागत के मुकाबले उन्हें सही रिटर्न नहीं मिल पा रहा। इसी दबाव के चलते FERM (Federation of Rice Millers) और Copa-Cogeca जैसे बड़े संगठन EU से व्यापार समझौतों की समीक्षा और घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) हाल ही में EU ने चावल को 12 संवेदनशील कृषि उत्पादों की लिस्ट में भी शामिल किया है और सरकार इस सेक्टर को लेकर गंभीर है और जरूरत पड़ने पर आयात पर सख्ती बढ़ सकती है। EU अब टैरिफ रेट कोटा (TRQ) या सीधे ड्यूटी बढ़ाकर आयात को कंट्रोल करने का रास्ता अपना सकता है। साथ ही WTO नियमों के तहत यह भी कहा गया है कि अगर आयात में अचानक तेजी से घरेलू उत्पादकों को नुकसान होता है तो हर 6 महीने में समीक्षा करके सेफगार्ड क्लॉज लागू किया जा सकता है। भारत के नजरिए से देखें तो यह मामला थोड़ा संवेदनशील है, क्योंकि EU भारत के लिए एक अहम बाजार है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारतीय चावल, खासकर बासमती, वहां के लोकल चावल से महंगा होता है, इसलिए उस पर सीधा असर थोड़ा सीमित रह सकता है। फिर भी अगर ड्यूटी लगती है या नियम सख्त होते हैं, तो भारतीय निर्यातकों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी और ग्लोबल मार्केट में मुकाबला और तेज हो जाएगा। इसके अलावा EU अब रिसिप्रोसिटी नियम पर आगे की जानकारी के लिए whatsapp ग्रुप जॉइन करे (9306639343) उसे पर्यावरण, फूड सेफ्टी और लेबर स्टैंडर्ड्स के वही नियम मानने होंगे जो वहां के किसानों पर लागू होते हैं और यदि ऐसा होता है तो इसका असर वैश्विक चावल व्यापार की दिशा को भी बदल सकता है। चावल की रेगुलर सर्विस के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।