सरसों का पूरा हिसाब किताब और आज की तेजी मंदी रिपोर्ट

 

सरसों का पूरा हिसाब किताब और आज की तेजी मंदी रिपोर्ट

किसान साथियो इस हफ्ते का पहला दिन तेल तिलहन के बाजारों के लिए ठीक ठाक रहा। विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों के भाव में तेजी होने के कारण सोमवार को घरेलू बाजार में भी सरसों के भाव में तेजी देखने को मिली । जयपुर में कंडीशन 42 की सरसों के भाव 50 रुपये तेज होकर 6,775 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। भरतपुर मंडी का भाव शाम को 6380 हो गया। जबकि दिल्ली लॉरेंस रोड़ पर सरसों के अंतिम भाव 6650 के रहे। सलोनी प्लान्ट पर भी सरसों के रेट को लेकर मिला जुला रुख ही देखने को मिला है। अंतिम भाव 7200 के आसपास रिपोर्ट किए गए हैं। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 2.50 लाख बोरियों की हुई। WhatsApp पर भाव पाने के लिए ग्रुप join करे

हाजिर मंडियों में सरसों के भाव की बात करें तो राजस्थान की नोहर मंडी में सरसों का रेट 5700 से 6165 रुपए, सादुलशहर सरसों 5101 से 5881, सादुलपुर 39 लेव 5950, रावला सरसों 5350 से 6100, अनूपगढ़ सरसों 5100 से 6221, पीलीबंगा सरसों भाव ₹ 5650 से 5950, श्री विजयनगर सरसों का रेट  5555 से 6135, गोलूवाला सरसों 5371-6200, संगरिया सरसों 5180 से 6131 और जैतसर मण्डी में सरसो का भाव 5545 से 5621 रुपए तक रहा। हरियाणा की जींद मंडी में 40 कंडीशन सरसों के भाव 6300, आदमपुर में सरसों 5800 से 6127, भिवानी में 40 कंडीशन के भाव 6200 और ऐलनाबाद मंडी में सरसों के भाव 6222 तक रहे। ये भी पढे :- देखें आज के सरसों के लाइव रेट Sarso Live Rate Today 05 Dec 2022

व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में सुबह के सत्र में खाद्य तेलों की कीमतों में बड़ी तेजी बनी थी, लेकिन शाम तक बाजार तेजी को होल्ड नहीं कर पाया और शाम के समय में चीन की मांग की चिंता के कारण मिलाजुला रुख बन गया। साथियो हम अपनी लगभग हर रिपोर्ट मे आपको चीन को लेकर बन रहीं चिंता से अवगत करवा रहे हैं। मलेशियाई बाजार को देखें तो सुबह के सत्र में पाम तेल के फरवरी महीने के वायदा अनुबंध में 3.21 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई थी लेकिन बाजार इसे भी होल्ड नहीं कर पाया और शाम होते होते तेजी गायब हो गई इसी तरह से शिकागो में सोया तेल के जनवरी वायदा अनुबंध में सुबह के सत्र में भाव तेज थे, लेकिन शाम के सत्र में नरम हो गए ।

जानकारों के अनुसार चीन में कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोतरी को लेकर विश्व जगत के कारोबारियों की नजर लगी हुई है, क्योंकि अगर सबसे बड़े आयातक चीन ने लॉकडाउन की सख्ती की तो फिर खाद्य तेलों की मांग भी प्रभावित होगी । इसका असर विश्व बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ेगा। घरेलू बाजार के बड़े व्यापारी भी चीन पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं इसीलिए ब्रांडेड कंपनियों ने सुबह सरसों की खरीद कीमतों में 50 से 75 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी तो की थी, लेकिन शाम के सत्र में मिलों की खरीद कम हो गई। और भाव लगभग स्थिर रहे हैं।  ये भी पढे :- Aaj Ka Narma Ka bhav नरमा और कपास के ताजा मंडी भाव Narma Price Today 05 December 2022

विदेशी बाजारों की बात करें तो बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, BMD पर फरवरी महीने के वायदा अनुबंध में पाम तेल के भाव शाम के सत्र में 12 रिगिंट यानी की 0.30 प्रतिशत तेज होकर 3,964 रिगिंट प्रति टन पर बंद हुए। इस दौरान शिकागो में जनवरी महीने के वायदा अनुबंध में सोया तेल के दाम 0.2 प्रतिशत कमजोर हुए। जानकारों के अनुसार शिकागो में सोया तेल की कीमतें पिछले चार सत्रों में लगभग 11 प्रतिशत तक कमजोर हो चुकी हैं।

 घरेलू खाद्य तेल बाजार भी थोड़ा सा गर्म हुआ। जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें सोमवार को 12-12 रुपये तेज होकर भाव क्रमशः 1364 रुपये और 1354 रुपये प्रति 10 किलो हो गई। इस दौरान सरसों खल की कीमतें 2575 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही।

आवक को देखा जाए तो सरसों की दैनिक आवक सोमवार को बढ़कर 2.50 लाख बोरियों की हुई, जबकि शनिवार को इसकी आवक केवल 2 लाख बोरियों की ही हुई थी । आवक को देखा जाए तो सोमवार होने के कारण इसमे इतनी बढ़त की उम्मीद पहले से ही थी। अब ऐसा लगता है कि सरसों में जो पैनिक बिकवाली चल रही थी वह रुक गयी है। आपको याद होगा कि पिछले कुछ दिनों से सरसों की आवक 4 लाख बोरी के आसपास चल रही थी। गौरतलब है कि किसानो के पास अब केवल 13 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ है जो कि अगले ढाई से 3 महीने तक प्रयोग होना है। ये भी पढे :- घटती आवक के चलते सरसों में गिरावट रुकी | देखें आज की तेजी मंदी रिपोर्ट

सरसों में अब आगे क्या
किसान साथियो सरसों की आवक का अब पीक जा चुका है। धीरे धीरे आवक टूटेगी। जिसके कारण भाव मे थोड़ा बहुत सुधार होने की संभावना बन रही है। जब तक नयी सरसों बाजार में नहीं आती है सरसों में सुधार की संभावना बनी ही रहेगी। मंडी भाव टुडे का मानना है कि सरसों अपने निम्नतम स्तर पर चल रही है। जब तक नयी सरसों नहीं आ जाती तब तक इसमे बड़ी गिरावट की संभावना ना के बराबर है। हालांकि इसकी तेजी मोटे तौर पर विदेशी बाजारों की तेजी पर ही निर्भर करेगी।