92% बारिश का अनुमान,क्या आने वाला है कृषि संकट?

 
इस साल मानसून को लेकर जो शुरुआती अनुमान मिल रहे हैं, वो थोड़ा चिंता बढ़ाने वाले हैं, क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार जून से सितंबर के बीच कुल बारिश दीर्घकालिक औसत का करीब 92% ही रह सकती है, यानी सामान्य से कम वर्षा की संभावना बन रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन के अनुसार यह कमी भले बहुत बड़ी न लगे, लेकिन इसका असर काफी गहरा हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब किसान पहले से ही बढ़ती कृषि लागतों से जूझ रहे हैं। पिछले कुछ समय में मध्य-पूर्व में बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालातों की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा यानी ईंधन की कीमतें पहले ही ऊपर चल रही हैं, जिससे खेती की लागत पर दबाव बढ़ चुका है और अब अगर बारिश भी कम रहती है तो सिंचाई का खर्च और बढ़ सकता है। भारत के लिए मानसून सिर्फ बारिश नहीं बल्कि चार महीनों का यही सीजन देश की सालाना वर्षा का बड़ा हिस्सा देता है और इसी से भूजल भंडार भरते हैं, जो आगे पूरे साल काम आते हैं।
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धान, गेहूं, गन्ना और कपास जैसी मुख्य फसलें काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती हैं, इसलिए कम बारिश का सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। अगर उत्पादन घटता है तो बाजार में सप्लाई टाइट होगी और इससे खाद्य कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। क्योंकि अगर घरेलू उत्पादन कम होता है तो आयात बढ़ाना पड़ेगा, जिससे देश का आयात बिल भी बढ़ सकता है। दूसरी तरफ ग्लोबल मार्केट की स्थिति भी ज्यादा अनुकूल नहीं है, क्योंकि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर शिपिंग प्रभावित हो रही है, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय खाद्य कीमतें पहले से ही ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में अगर भारत में भी मानसून कमजोर रहता है तो घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर दबाव और बढ़ सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो 92% बारिश का अनुमान सीधे तौर पर बताता है कि आने वाले समय में खेती, पानी और महंगाई तीनों मोर्चों पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं, और इसका असर आम लोगों से लेकर पूरे बाजार तक महसूस किया जा सकता है। मात्र 999 में 1 साल की रेगुलर अपडेट और रिपोर्ट के लिए 9306639343 पर मैसेज करें।

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About the Author
मैं लवकेश कौशिक, भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एक नौसैनिक, Mandi Market प्लेटफार्म का संस्थापक हूँ। मैं मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी हूँ। मंडी मार्केट( Mandibhavtoday.net) को मूल रूप से पाठकों  को ज्वलंत मुद्दों को ठीक से समझाने और मार्केट और इसके ट्रेंड की जानकारी देने के लिए बनाया गया है। पोर्टल पर दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त की गई है।