सरसों के भाव बढ़ेंगे या घटेंगे ? सरसों किसानों के लिए जरुरी रिपोर्ट

 

किसान साथियो जनवरी का महीना सरसों किसानों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। एक तरफ तो पाला पड़ने के कारण सरसों में भारी नुकसान हो गया है। दूसरी तरफ सरसों के भाव में आए दिन गिरावट देखने को मिल रही है। सरसों के भाव पिछले एक हफ्ते में ही 200 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर चुके हैं। जनवरी महीने को पूरा देखें तो सरसों में 400 रुपये तक की गिरावट हो चुकी है। इस रिपोर्ट में हम सरसों में हुए नुकसान और इसके भाव पर होने वाले असर का अध्ययन करेंगे। WhatsApp पर भाव पाने के लिए ग्रुप join करे

किसान साथियो नए सीज़न की फ़सल कुछ ही दिनों में तैयार होनी थी लेकिन पिछले सप्ताह सरसों उत्पादक राज्य राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में अत्यधिक पाला पड़ने से सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है। हरियाणा के भिवानी, रेवाड़ी महेंद्रगढ़ में काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा राजस्थान के हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, सीकर, झुंझनू, कोठपतुली सहित अन्य सरसों उत्पादक जिलों चुरू,में सर्वाधिक नुकसान दिखाई दिया है। सीकर के रिंगस के दर्जनों गांवों में सरसों के साथ गेहूं, चना की फसलों में बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। यहां सरसों की अगेती फसल अधिक थी, जो पूरी तरह नष्ट हो गई है। कुछ किसानों ने सरसों के खेत में ट्रैक्टर चला दिया है। सोशल मीडिया पर इस प्रकार की तस्वीरें आम हैं। दैनिक भास्कर ने भी सरसों नष्ट होने और ट्रैक्टर चलने की खबरों को कवर किया है। देखें आज के सरसों के लाइव रेट Sarso Live Rate Today 21 Jan 2023

कुछ खास इलाक़ों की बात करें तो राजस्थान की कोठपतुली में सरसों की फसल 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक नष्ट होने की खबरें आ रही है। किसान कहते हैं कि कई जगह फसल हरी- भरी दिखाई देती है, लेकिन फलियों के अंदर दाने नष्ट हो चुके हैं। जिले में प्रशासनिक अधिकारी सर्वे कर रहे हैं और कहा जा रहा है कि किसानों को मुआवजा दिलवाया जाएगा। हरियाणा के भिवानी, रेवाड़ी क्षेत्र में सरसों की फसल का बड़े स्तर पर नुकसान  बताया जा रहा है। इसी तरह मध्य प्रदेश के मुरैना और दूसरे जिलों में सरसों की फसल को नुकसान बताया गया है। सरसों में जल्द बनेगा सुधार | देखें सरसों की तेजी मंदी रिपोर्ट

सरसों में नुकसान की खबरें आम हैं लेकिन इसका भाव पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। बिकवाली के दबाव में भाव गिरते ही जा रहे हैं। शनिवार को भी तेल मिलों की मांग कमजोर होने से घरेलू बाजार में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव थोड़े और घटकर 6,275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जबकि भरतपुर में सरसों का रेट 5850, दिल्ली लॉरेंस रोड़ पर 6150 रुपये के स्तर पर आ गए। शनिवार होने के कारण सरसों की दैनिक आवक घटकर 1.15 लाख बोरियों की हुई ।
ब्रांडेड कंपनियों ने भी सरसों प्लान्ट भाव में कटौती की है सलोनी प्लान्ट ने सरसों के भाव 75 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरा दिए, सरसों का अंतिम खरीद भाव 6750 का रहा। गोयल कोटा प्लान्ट पर सरसों का रेट 6100, इसके अलावा शारदा और BP प्लान्ट पर सरसों के भाव 100 रुपये घटकर 6500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। बाजार की उम्मीद के विपरीत सरसों डाउन | जानिए क्या रही वज़ह | सरसों तेजी मंदी रिपोर्ट

व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में तेल मिलों की मांग कमजोर होने से सरसों तेल के भाव घटे है। दूसरी तरफ ऊंचे भाव के इंतजार में सरसों रोक कर बैठे स्टॉकिस्टों की बिकवाली बढ़ने से भाव में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार खाद्य तेलों में खपत का सीजन चल रहा है इसलिए घरेलू मांग तो बनी रहेगी, लेकिन तेजी मंदी आने वाले सीजन में सरसों के उत्पादन के आंकड़ो और विदेशी बाजारों की चाल के हिसाब से ही चलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस साल इंडोनेशिया और मलेशिया में पाम तेल का स्टॉक फिर से बढ़ने का अनुमान हैं, जबकि हाल में भारत और चीन की आयात मांग कमजोर है। इसलिए विदेश में खाद्य तेलों में अभी बड़ी तेजी की उम्मीद कम है। 80 मन प्रति एकड़ से ज्यादा गेहूं उत्पादन लेना हैं, तो जल्दी करें ये छोटा सा काम

घरेलू बाजार की बात करें तो जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें शनिवार को 4-4 रुपये कमजोर होकर भाव क्रमशः 1271 रुपये और 1261 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। जबकि च दादरी में सरसों तेल एक्सपेलर के भाव 5 रुपये घटकर 1275 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। इस दौरान सरसों खल की कीमत 2505 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही। देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक शनिवार को घटकर 1.15 लाख बोरियों की हुई, जबकि शुक्रवार को इसकी आवक 1.50 बोरियों की हुई थी। देखें आज के गेहूं/कनक के लाइव रेट wheat kanak gehu Live Rate Today 21 Jan 2023 

किसान साथियो कुछ दिन पहले सरसों का 7 प्रतिशत रकबा बढ़ने की खबरों के चलते अनुमान लगाया जा रहा था कि इस साल सरसों का कुल उत्पादन 120 से 125 लाख टन पहुंच सकता है। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ऐसे में सम्भावित उत्पादन का आंकड़ा काफी नीचे रह सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल लगभग 110-111 लाख टन सरसों की पैदावार हुई थी। किसान साथियो सरसों में नुकसान की खबरों के चलते भाव में सुधार बनना चाहिए था लेकिन अभी तक ऐसा देखने को नहीं मिला है। सरसों के ज्यादा उत्पादन की खबर के अलावा बाजार में ऐसी कोई खबर नहीं है जिसके चलते बाजार में और कमजोरी आए। जिस तरह से पाले के कारण सरसों में नुकसान हो रहा है ऐसा नहीं लगता कि कोई बहुत बड़ा उत्पादन होगा। मंडी भाव टुडे को अभी भी उम्मीद है  नुकसान की खबरों के चलते  सरसों की कीमतों में चल रही गिरावट रुक सकती है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा कच्चा सोया तेल के एक अप्रैल से शुल्क मुक्त आयात बंद करने और पाम तेल पर आयात शुल्क बढ़ाने की खबरों के बीच बाजार में सुधार बन सकता है। मार्च माह में रमजान भी शुरू होने वाला है, जिसके चलते मांग बढ़ सकती है और सोया पाम तेल में कुछ सुधार की संभावना बढ़ सकती है। विदेशी वायदा बाजार में पाम और सोया तेल में बुधवार को तेजी का रुख बना है ऐसे में सरसों के भाव में थोड़े बहुत सुधार की गुंजाईश बनती दिख रही है। हालांकि इसे बड़ी तेजी मानकर नहीं चलना चाहिए। बाकी व्यापार अपने विवेक से करें बासमती धान के ताजा भाव | Basmati Paddy Rate Today 22 January 2023